ऑनलाइन सिंधु सरिता मुशायरा आयोजित

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कोरोनाकाल को देखते हुए राष्ट्रीय सिंधी समाज द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम बार ऑनलाइन सिंधु सरिता मुशायरा आयोजित किया।

कविता मुशायरे में नवोदित कवित्रीयों ने देश भक्ति, श्रृंगार के साथ कोरोना व लाकडाउन पर भी कविताओं से बांधा समां।

इंदौर क्षेत्र सांसद शंकर लालवानी ने कोरोना वॉरियर्स को किया सम्मानित।

खंडवा। कोरोनाकाल को देखते हुए राष्ट्रीय सिंधी समाज द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम बार महिला साहित्यकारों के लिये ऑनलाइन वेबीनार के माध्यम से सिंधु सरिता मुशायरा आयोजित किया गया। मुशायरे में देश की नवोदित कवित्रीयों ने समां बांधा। राष्ट्रीय सिन्धी समाज द्वारा पहली बार आयोजित वेबिनार कवित्री सम्मेलन का फेसबुक एवं जूम ऐब पर ऑनलाइन प्रसारण हुआ। कोरोना वॉरियर्स जीतू मटलानी व अन्य को सांसद शंकर लालवानी ने सम्मानित किया। यह जानकारी देते हुए समाज प्रदेश प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल वरधानी ने की एवं मुख्य अतिथि के रूप में इंदौर क्षेत्र सांसद श्री शंकर लालवानी उपस्थित थे। श्री लालवानी ने अपने स्वागत उद्दबोधन में राष्ट्रीय सिंधी समाज के प्रयासों की भूरी भूरी प्रशंसा की और सिंधु सरिता मुशायरे कार्यक्रम में इतनी तादाद में महिलाओं कवित्रीयों की सक्रियता देखते हुए यह महसूस हुआ कि सिंधी बोली संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण संवर्धन में महिलाओं की भागीदारी कितनी महत्वपूर्ण है। महासचिव डॉ लाल थदानी ने कहा कि समाज द्वारा हर जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में स्थानीय सभी समस्याओं के तुरंत निपटारा के प्रयास किए हैं। सिंधी समाज की समस्याओं को हल करने के ज्ञापन दिये है, किंतु इसके बावजूद भी आज स्थिति यह है कुछ राज्यों में सिन्धी अकादमी का गठन नहीं हुआ है और जहां हैं वहां राष्ट्रीय सिंधी विकास परिषद सिर्फ सिंधी साहित्य और किताबों के प्रकाशन और सम्मेलनों तक ही सीमित है। ऐसे में सिंधी समाज को 75 वर्षों से भाषाई अल्पसंख्यक से क्यों वंचित रखा जा रहा है। महासचिव मुकेश सचदेव ने स्वच्छता का विस्तृत परिचय दिया और बताया कि पाकिस्तान सिंधी विस्थापितों को भारतीय नागरिकता दिलाने में उनके दिवंगत पिता श्री सचदेव जी ताउम्र सक्रिय रहे। सांसद श्री शंकर लालवानी ने भरोसा दिलाया कि वे उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के साथ श्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के समक्ष ज्ञापन देंगे। सम्मेलन मे इन्दिरा पूनावाला पुणे,अनिता शिवनाणी अजमेर, डाॅ दिक्षिता अजवानी दिल्ली, रितु भाटिया गांधीधाम, मीना शहदापुरी, दिव्या विधानी दोनों अहमदाबाद, नन्दनी पंजवानी, गायत्री मुमल जयपुर, प्रीती बजाज, विनीता मोटलानी इन्दौर इत्यादि शहरों की साहित्यकार कवित्रीयों ने देश भक्ति, वीर रस, श्रंगार रस एवं कोरोना लाकडाउन विषय पर स्वरचित काव्य रचना पढी। सिंधु सरिता कवयित्री मुशायरा की वरिष्ठ कवियत्री इन्दिरा पूनावाला मुंबई ने सभी कवयित्रीयों का उनकी उपलब्धियों के साथ परिचय कराया। कार्यक्रम समन्वयक अनीता शिवनानी अजमेर ने सबका स्वागत किया। संयोजिका डॉ दीक्षिता अजवानी दिल्ली और राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल वरधानी ने कार्यक्रम के सफल संचालन और संयोजन के लिए सबका धन्यवाद ज्ञापित किया। जगदीश शहदादपुरी ने हर शायरी पर अपना नजरिया देकर उन्हें प्रोत्साहित किया। समाज सेविका कंचन गिदवानी, जितू मटलानी राष्ट्रीय सूत्रदार ललित अगनानी, राजकुमार दरियानी, अमूल आहूजा, गुल माखीजानी, जितेन्द्र प्रसाद बेलानी, हरीश लालवानी, हरीश लखानी, गोविन्द मीरपुरी, शंकर दानवानी, शंकर मोटवानी, सुरेश चावला, जितेन्द्र बलवानी, निर्मल मंगवानी, लालचंद मोटवानी, रितु हेमनानी, सुंदरलाल विधानी, मुरली गुरदासानी, हेमन्त भागवानी इत्यादि गणमान्यजनों ने उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम की सफलता में अपना अमूल्य योगदान दिया।

खंडवा से निर्मल मंगवानी द्वारा

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