काव्यभाषा : खेल दिवस -अविनाश तिवारी अमोरा

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खेल दिवस

जीवन भी एक खेल है
हम सब बने खिलाड़ी
कोई इसमें माहीर है
कोई है अनाड़ी

खेल भावना जीत दिलाती
मुश्किल से न घबराएं
कर सहयोग एक दूजे का
राह आसान बनाएं

खेल रखे निरोग शरीर
जीवन पाठ सीखाती है
क्या हार क्या जीत है
सबको सबक पढ़ाती है

हाकी के जादूगर तुमने
हिंदुस्तान का मान बढ़ाया है
ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित
सही समय अब आया है
देकर भारत रत्न मेजर को
खेल का हम सम्मान करें
जीत सदा सत्य की हो
भारत की जयजयकार करें।

@अवि
अविनाश तिवारी
अमोरा
जांजगीर चाम्पा

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