विविध : राजनैतिक सभाओ में एकत्रित भीड़,गणेश उत्सव एवं ताजियों पर प्रतिबन्ध-नरेन्द्र तिवारी,सेंधवा

राजनैतिक सभाओ में एकत्रित भीड़,गणेश उत्सव एवं ताजियों पर प्रतिबन्ध

कोरोनाकाल मे जन स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए बनाए गए नियमों ओर गाइड लाइन का पालन सभी को समान रूप से करना है,इसमे बड़े-छोटे,आम-खास, का फर्क नही किया जा सकता,यह भेद आमजन में सरकार के प्रति आक्रोश पैदा करते है, व्यवस्थाओं के प्रति नाराजगी को जन्म देते है। मध्यप्रदेश में कोरोना बढ़ी तेजी से बढ़ता जा रहा है, जिसे मध्यनजर रखते हुए सरकार ने गाइड लाइन बनाई है,जिसमे एक स्थान पर भीड़ एकत्रित नही हो सके और कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके इस हेतु सार्वजनिक रूप से नियम बनाए है ।गणेश प्रतिमाओं एव मोहर्रम पर ताजियों का निर्माण नही करने, गणेश प्रतिमाओं ओर ताजियों की ऊंचाई को निर्धारित करते हुए सम्पूर्ण प्रदेश में इसे लागू किया गया है। प्रदेश की जनता इस गाइड लाइन को लेकर बेहद गम्भीर है,इसके विपरीत राजनैतिक दल इन नियमो ओर गाइड लाइन का पालन नही कर रहे है, ग्वालियर में भाजपा-कांग्रेस की एकत्रित भीड़ कोरोना के संक्रमण को कितना बड़ा सकती है, कहा नही जा सकता।नियम सबके लिए है इसका सभी को समान रूप से पालन करना चाहिए।
ग्वालियर में रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री,केंद्रीय मंत्री राज्यसभा सदस्य और प्रदेश के मंत्री,नेता भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जमा हुए। यह जमावड़ा भाजपा की ग्वालियर में आयोजित सभा को लेकर था। सोशल मीडिया सहित समाचार माध्यमो में इस सभा, रैली के वीडियो ओर फोटोग्राफ दिखाई दे रहे है इसी तरह कांग्रेस के कार्यकताओं का जमावड़ा भी दिखाई दे रहा है। सिंधिया का विरोध प्रदर्शन करते कांग्रेसी कार्यकर्ता ,रैली ओर भीड़ में सोशल डिस्टेंसिंग की धाज्जिया तो उड़ रही है मुँह पर मास्क लगाना भी नेता कार्यकर्ताओ ने जरूरी नही समझा। कोरोना के बारे में बनी गाइड लाइन में राजनैतिक दलों पर भी प्रतिबन्ध है राजनैतिक कार्यक्रमो पर भी प्रतिबन्ध है बावजूद भाजपा-कांग्रेस कोरोनाकाल में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बनी गाइड लाइन एवं नियमो का पालन नही कर रहे है।
गणेश उत्सव सांस्कृतिक आयोजन है जिसकी शुरुवात बाल गंगाधर तिलक द्वारा अंग्रेजो के विरुद्ध जागरण पैदा करने उद्देश्य से हुई थी। यह उत्सव बड़ी ही धूमधाम से मध्यप्रदेश में बनाया जाता है। इस उत्सव के साथ गणेश प्रतिमाओं के निर्माण करने वाले कलाकारों का रोजगार सजावट के सामान विक्रेताओं का रोजगार झांकी बनाने वाले कलाकारों का रोजगार सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से अपनी जीविका चलाते माइक,टेंट,लाइटिंग आदि दुकानदारों विक्रेताओं का रोजगार, साथ ही 10 दिवसीय आयोजनों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करते आर्केष्टा,भजन मंडली आदि के कलाकार जो इससे रोजगार भी प्राप्त करते है। कोरोना की गाइड लाइन आने के बाद यह सब लोग मन मसोजकर रह गए। यही हाल मोहर्रम पर ताजियो के निर्माण की परंपरा का भी हुआ जनता ने अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओ को सीमित दायरों में कर लिया सार्वजनिक उत्सव नही के बराबर बनाया जा रहा है।
कोरोना की जो गाइड लाइन गणेश उत्सव ओर मोहर्रम के ताजियों को लेकर है वही गाइड लाइन राजनैतिक दलों की रैलियों सभाओ ओर कार्यक्रमो को लेकर भी है, प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित मंत्री मण्डल के सदस्य कोरोना संक्रमित हो चुके है या अभी भी है प्रदेश में 24 अगस्त तक 53129 लोग संक्रमित हो चुके है 1229 लोगो कि मौत हो गयी है, 40390 लोग उपचार के बाद ठीक भी हुए है। संक्रमण को तेजी से फैलने के लिए सम्पूर्ण प्रदेश में प्रतिबंधात्मक निर्देशो को लागू किया गया है।इन निर्देशो में सभी जिला कलेक्टरों को पत्रो के माध्यम से सामाजिक,सांस्कृतिक,धार्मिक,राजनैतिक सभी प्रकार के कार्यक्रमो को प्रतिबंधित किया गया है।जिसके तहत जन्माष्टमी सीमित दायरे में मनाई गई ।22 अगस्त से शुरू हुए सांस्कृतिक पर्व गणेश चतुर्थी ओर मोहर्रम पर बनने वाले ताजियों के निर्माण में निर्देशो के अनुसार सार्वजनिक रूप से आयोजन नही करने, प्रतिमाओं ओर ताजियों की ऊँचाई भी निर्धारित किये जाने, शहर-शहर,गांव-गांव ओर सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में इन निर्देशो का जनता द्वारा पालन किया जा रहै है।
जिन नियमो का जनता प्राणप्रण से पालन कर रही है, वही राजनैतिक दलों के लिए इन प्रतिबंधो का कोई मायने नही दिखाई दे रहे है। प्रदेश के ग्वालियर में रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ,केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर,राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित नेता कार्यकर्ता रैलियां ओर सभाएं कर रहे है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रेसवार्ता की, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया जिसमे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही होता दिख रहा है।
यह सही है प्रदेश मे उपचुनाव होने वाले है राजनैतिक दलो को आमजनता से नजदीकियां भी दिखानी है,किन्तु इन नेताओं को प्रदेश हित एव कोरोना संक्रमण के चलने तक उन प्रतिबंधो का पालन करना होगा।यह निर्देश प्रदेश के आमजनो,नेताओं,मंत्री ओर मुख्यमंत्री के लिए एक जैसे है।बड़े नेताओं अफसरों को तो इनका पालन कर जनता के सामने उदाहरण पेश करना चाहिए नेताओ का प्रतिबंधो की खिल्लियां उड़ाना आमजन में व्यवस्थाओ के प्रति नाराजगी पैदा करता है, व्यवस्था सबके लिए समान है कोई व्यवस्था से बड़ा नही है।

नरेंद्र तिवारी ‘एडवोकेट’
सेंधवा जिला बड़वानी मप्र
मोबा-9425089251

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