पर्यावरण : वृक्षारोपण – एस के कपूर “श्री हंस” बरेली एस के कपूर “श्री हंस” बरेली

वृक्षारोपण

जीवनदायनी प्रकृति ,हमें युगों युगों से निरंतर , सागर ,नदी, झील, तालाब ,कुआँ ,पर्वत ,पठार, वृक्ष,पैड ,पौधे,सूर्य,चन्द्रमा, वर्षा के माध्यम से जल ,रौशनी,छांव,मिट्टी, पत्थर, रेत, बजरी ,बोल्डर,लकड़ी,फूल,फल सब्जी,अनाज ,प्राण वायु ऑक्सीजन प्रदान कर रही है और हम बहुत चतुराई से धरती माँ,सूर्यदेव,पर्वतदेव,वट वृक्ष,वरुणदेव,पवनदेवता आदि नामों से ,केवल सुशोभित करके ,इनका दोहन,शोषण ,दुरूपयोग, करते चले आ रहे हैं, कि हम प्रगति,विकास कर रहे हैं ,और आधुनिक बन रहे हैं ,परंतु विकसित होने के लिए अंधाधुंध वनों को काटा जा रहा है और बढ़ते भूकंप,सुनामी,पिघलते ग्लेशियर,बढ़ता तापमान,ऋतुचक्र में गड़बड़,दमघोटू हवा,स्मॉग, अँधाकोहरा,असमय ओलावृष्टि ,बाढ़, बिजली गिरना और भी बहुत सी अनियमतायें लगातार बढ़ती जा रही हैं और हम अनजान व्यक्ति बनकर देखते रहते हैं ,कि इन सब से हमारा क्या नाता और काम है।हम भूल जाते हैं ,कि एक और एक गयारह और गयारह और गयारह ,एक हज़ार गयारह होते हैं, जब हम सकारात्मक अथवा नकारात्मक प्रभाव की बात करते हैं।व्यक्ति से समाज और समाज से शहर और शहर से देश का निर्माण होता है।एक व्यक्ति के रूप में ज्यादा से ज्यादा पेड लगाकर, पानी,कागज़ की बर्बादी रोककर,बारिश का पानी संचय करके,कूड़ा करकट को जलाने के बजाये उसका अन्यत्र प्रयोग कर,फल सब्जी के छिलकों से खाद बना सकते हैं।अब समय आ गया है ,कि वेस्ट को वेल्थ बनाये जाये।नदियों में गलत सामान ,कूड़ा,मैला,केमिकल आदि को बहाना तुरंत बंद करना होगा।जितने भी पेड़ काटे जायें उससे तिगुने लगाये जायें व उनको संरक्षित किया जाए क्योंकि पेड़ बड़ा होने के बाद ही वर्षा, ऑक्सिजन आदि के लिए उपलब्ध हो पाता है।साथ ही साथ पीपल, नीम आदि पेड जो अधिक ऑक्सिजन देते हैं व औषधीय पौधों पर बल दिया जाये।अनेक संरक्षित पशु ,पक्षियों और पौधों की प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर है ,जो कि पर्यावरण संतुलन(एको लॉजिकल बैलेंस )बनाये रखने के लिए बेहद जरूरी हैं।कही ऐसा न हो ,कि अपने हाथों से ही, अपनी नई पीढी को आधुनिक प्रगति के साथ साथ ,श्रापित और प्रदूषित वातावरण विरासत में सौंप कर जायें और हम कदापि इस कलंक से मुक्त न हो पायें।इसलिये पेड़ों को केवल, सोने का अंडा देने वाली मुर्गी न समझ कर उसका उपयुक्त प्रयोग करें व साथ ही साथ अधिकाधिक वृक्षारोपण भी और उनका सरंक्षण भी करें।

एस के कपूर “श्री हंस”
बरेली
मोब 9897071046
8218685464

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