काव्यभाषा : गणपति बप्पा मोरया -रश्मि वत्स मेरठ(उत्तर प्रदेश)

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गणपति बप्पा मोरया

सब मिलकर करो जय-जयकार।
आया गणपति बप्पा का त्यौहार।
शिव-गौरा के राज दुलारे ,
जिनको भजते भक्त हैं सारे।

प्रथम पूजन कर तुम्हें बुलाते ।
विघ्नहर्ता को सभी हैं ध्याते।
रिद्धि-सिद्धि के तुम हो दाता।
ज्ञान बुद्धि के तुम  विधाता ।

एकदंताय तुम कहलाते ।
भक्त तुमें निशदिन भजते।
मूषक की तुम करते सवारी ।
मोदक,लड्डू तुम्हें अति प्यारी।

कृपा सदैव धरो हमारे शीश।
हे लंबोदर काटो क्लेश ।
वंदन कर तुम्हें मनाऊँ ।
श्रद्धा सुमन तुम्हें चढ़ाऊँ ।

रश्मि वत्स
मेरठ(उत्तर प्रदेश)

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