काव्यभाषा : बेटा -मीना राजवाड़े,भैयाथान जिला-सूरजपुर

Email

बेटा

बेटा, दुनिया के चकाचौंध में,
तुम हमें न भूल जाना,
राह जोहती माँ तुम्हारी,
आकर गले लगाना|

टुकटुक करते रास्ता देखते,
हम वो हर परछाई,
जो रास्ते से गुजर कर जाते,
हम उन्हें निहारते |

देखो मेरा बहादुर बेटा,
माँ खड़ी है द्वार पर,
खुशियाँ समेटे आंचल पर,
राह जोहते खुशी तुम्हारी,
बेटा आकर हमें बताना |

उधर से एक चिट्ठी आई,
उसमें लिखा था, यही भाई |
माँ मैं आ रहा हूँ,
एक माँ का आंचल बचाके,
दोनों माँ का आंचल होगा, मेरे सर पर,
तब मैं बताउँगा माँ,तुम्हे गले लगाकर,
माँ मैं खुश हूँ अब,
अपनी धरती माँ को बचा कर ||

मीना राजवाड़े
सहायक शिक्षक
शास. प्राथ. विद्या. बरौधी
वि.खण्ड भैयाथान
जिला-सूरजपुर (छ. ग.)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here