वीर सैनानियों को काव्यमयी श्रद्धांजलि दी

    वीर सैनानियों को काव्यमयी श्रद्धांजलि दी

इंदौर। काव्य प्रेमियों की महफ़िल साहित्यिक समूह (इंदौर,धामनोद) द्वारा स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर राष्ट्रीय गीत गजल व कविताओं द्वारा देश को आजाद कराने वाले वीर सैनानियों को काव्यमयी श्रद्धांजलि दी। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से साहित्यकारों ने ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपनी रचनाओं से राष्ट्र वन्दना की। विगत चार माह से लगातार ऑनलाइन काव्य गोष्ठियां आदरणीय कैलाश सिंघल जी धामनोद के नेतृत्व में आयोजित होती आ रही हैं।जिसमें देश के अलग अलग शहरों से जुड़े साहित्यकार अपनी रचनाओं से पटल पर अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं।जिसमें अपने शहर हरदा से भी श्री जयकृष्ण चांडक व कपिल दुबे शामिल हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी एक काव्य गोष्ठी का आयोजन श्री जयकृष्ण चांडक जी के संचालन में आयोजित हुई, जिसमें देशभक्ति से ओतप्रोत गीत व ग़ज़लें पटल पर प्रस्तुत की गई। गोष्ठी में श्री जयकृष्ण चांडक ने बारूदों गोलियों से गुज़रकर चले गए, मां भारती के लाल थे हंसकर चले गए एवं कपिल दुबे ने आजादी का दिन ये मिला है वीरों के बलिदान से देश का कोना कोना गूंजा वन्दे मातरम गान से, देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। हेमंत बोर्डिया धामनोद, रश्मि चौधरी इंदौर, रमा प्रेम शांति बालाघाट, प्रमोद सनाढ्य नाथद्वारा ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की करीब सौ श्रोताओं ने उपस्थित रहकर कवियों का उत्साहवर्धन किया।

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