काव्यभाषा : जय श्री राम, जय श्री राम- राजीव रंजन शुक्ल ,पटना

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जय श्रीराम जय श्रीराम

जय श्रीराम जय श्रीराम
चलो एक शुभ दीप जलाए
फिर दिवाली चलो मनाए
वर्षों से था जिसका इंतजार
आया 5 अगस्त 2020 दिन बुधवार
करोड़ो की हृदय मे बसे
सरयू नदी के तट पर सजे
अयोध्या मे होगा भूमि पूजन
हृदय-हृदय कर रहा कीर्तन- भजन
जय श्रीराम जय श्रीराम
लगाओ जयकारे, लगाओ जयकारे
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जन्मभूमि पूजन को
हजारों साधू संत है पधारे
जय सियाराम, जय सियाराम
जय रघुनन्दन जय सियाराम
दुखभंजन को कोटि कोटि नमन
अयोध्या फिर होगा चमन
देखते सभी स्वपन्न रामराज्य का
अयोध्या है श्री राम का
जय श्री राम जय श्री राम
नैतिकता, विनम्रता, करूणा, क्षमा,
धैर्य, त्याग और पराक्रम के प्रतिमान
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम भारत की पहचान
करोड़ों के विश्वास मे
बसते हैं जो भक्तों के हर साँस मे
अंतरमन के प्राण
घट-घट के भगवान्
जय श्रीराम, जय श्रीराम
जय श्रीराम ,जय श्रीराम
चलो एक शुभ दीप जलाए
फिर दिवाली चलो मनाए

– राजीव रंजन शुक्ल
पटना

6 COMMENTS

  1. Wonderful, matchless and thoroughly engrossing poem. Let us be blessed by Lord Rama in this corona infected world.

  2. जय श्री राम। उल्लास के अवसर पर भक्ति भाव पूर्ण कविता।

  3. वर्षों का इंतजार आज समाप्त हुआ।विवादित विवाद भी समाप्त हुआ।
    बहुत अच्छी कविता।

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