काव्यभाषा : यादें – विनीता गौतम दिल्ली

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यादें

कहते हैं जब प्रेम
शीर्ष पर पहुँच जाता है
तो वो वात्सल्य रूप में
हमारे समक्ष आ जाता है
तुम्हारा भी वही रूप
आज देखा है मैंने
पापा वाला ..

विनीता गौतम
दिल्ली

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