काव्यभाषा : हम महान हैं – दीपक अनंत राव अंशुमान,केरला

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हम महान है

हम महान है,
इसलिए कि तुम महान हो၊
तुम महान हो,
इसलिए कि सारा जहाँ महान है၊
सृष्टि का कण-कण महान है,
मिलकर सब
इस सुंदर सृष्टि का निर्माण किए है।
अब भी समय है,
झांको अपने अंदर၊
अहम को पहचानो
अपने अंदर छुपे महान व्यक्ति को
दुनिया से रूबरू कराओ
अपना जीवन धन्य बनाओ।
किसान महान है क्योंकि
वह पालनहार है၊
गृहणी महान है क्योंकि वह
पूरे घर को संभालती है၊.
पिता महान है, वह
प्रत्येक वस्तुओं की व्यवस्था करता है၊
कवि महान है,
फैलता है अपनी भावों की खुशबू၊
हम महान हैं,
दुनिया को सुगन्धित करता है,
गैरों को अपना बनाता है,
जीना की कला सिखाता है,
और ज़ुबान से फरमाता है कि
हर रचना ईश्वर की करमत है၊
महान भावों से ही धरती पर
स्वर्ग पनपती है
धरती स्वर्ग बन जाती हैं।

दीपक अनंत राव अंशुमान
कवि एवं अध्यापक
केरला

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