संस्कार भारती जिला साहित्य का भव्य ऑन लाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सम्पन्न

संस्कार भारती जिला साहित्य का भव्य आँन लाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

हापुड़ ।संस्कार भारती जिला साहित्य क़े तत्वाधान में एक अखिल भारतीय भव्य कवि सम्मेलन किया गया कार्यक्रम क़े संयोजक व मंच संचालक जिला साहित्य संयोजक कवि अशोक गोयल रहें । सर्व प्रथम माँ शारदे की वंदना कवयित्री बीना गोयल ने पटल पर कर माँ को नमन किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कार भारती क़े प्रांतीय साहित्य प्रमुख बाबा कानपुरी ने की सानिध्य वरिष्ठ कवि चंद्र भानु मिश्र, वरिष्ठ कवि प्रेम निर्मल, व वरिष्ठ कवि रूप किशोर गुप्ता जी का मिला। कवि अशोक गोयल ने अपनी रचना में चीन को कड़ी फटकार लगाई और कहा -देश को दिलाया हैं भरोसा आज मोदी जी ने, शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा बाज नहीं आया यदि धूर्त चीन आदतों से भारती क़े सैनिको से बच नहीं पायेगा । वरिष्ठ कवि बाबा कानपुरी ने पढ़ा -बादल तो सबको आँख दिखा कर चलें गए । वरिष्ठ कवि प्रेम निर्मल जी ने पढ़ा – भारत माता का मुकुट फिर से हुआ लाल । वरिष्ठ कवि चंद्र भानु मिश्र ने पढ़ा -आँखों से आँखों का मिलना धीरे- धीरे प्यार बन गया । कवि दिनेश त्यागी ने पढ़ा -कवि समाज का आइना कहता सच्ची बात । वरिष्ठ कवि रूप किशोर गुप्ता ने पढ़ा -मुफलिसी क़े होके कंधो पर सवार । कवयित्री बीना गोयल ने पढ़ा -जगत में प्यार सबसे माँ सदा भरपूर करती हैं । कवि राजकुमार हिंदुस्तानी ने पढ़ा -अंधकार वैरी सदा, छलता सुख की छाँव कवि मोनू राणा ने पढ़ा -स्वदेशी क़े रस्ते पर भारत भी चलने लगा। कवयित्री डॉ अर्चना गुप्ता ने पढ़ा -इक साधना, नहीं हवा में तीर बिरले ही बनते यहाँ तुलसी, सूर, कबीर। कवयित्री कोमल रस्तौगी ने पढ़ा -मेहनत कर और बढ़ता चल, कीर्तिमान नव गढ़ता चल । कवि इन्द्र पाल इन्द्र ने पढ़ा -चीन तेरी आज हमने बेहयाई देख ली कवि विकास विजय ने पढ़ा -यदि एक भी सैनिक शहीद हुआ गलवान में, कोई भी चीनी जिन्दा छोड़ा नहीं जायेगा । कवि मनोज शर्मा ने पढ़ा -मेरी भाषा जो हिंदी हैं, ये सावन सी सुहानी हैl कवि नरेश सागर ने पढ़ा -हादसों क़े सफर में कमी तो नहीं ।कवि रामासरे गोयल ने पढ़ा -होली और दिवाली की, प्रतीक्षा क्यों हों मुझको कवयित्री कल्पना भदौरिया ने भी काव्य पाठ किया । कार्यक्रम का सुन्दर व सफल संचालन कवि अशोक गोयल ने किया । कार्यक्रम में पिलखुवा, हापुड़, गढ़, मेरठ, मुरादाबाद, गाज़ियाबाद, नोएडा, बहजोई संभल, लखनऊ, कंडोला, सिम्भावली, दिल्ली, आदि अनेक स्थानों से कवि व कवयित्री पटल पर मौजूद थे ।

1 COMMENT

  1. शानदार कवरेज।
    आदरणीय पत्रकार बन्धुवर को हार्दिक आभार।
    प्रणाम बन्धुवर।
    जय हिंद जय कलमकार।

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