किशोर नगर में श्री राम कथा महोत्सव के प्रथम दिवस निकली भव्य कलश यात्रा

किशोर नगर में श्री राम कथा महोत्सव के प्रथम दिवस निकली भव्य कलश यात्रा

22 जनवरी के ऐतिहासिक दिन हर घर भगवान श्री राम का ध्वज एवं दीपावली मनाने का किया आह्वान

खंडवा।
श्रीराम कथा हमें सत्य मार्ग पर चलने की सीख देती है। सत्य की हमेशा जीत होती है। हमें अपने धर्म के प्रति आस्था और विश्वास रखना चाहिए। हम सभी सनातनियों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि हमारी आंखों के सामने श्रीराम मंदिर भव्य रूप में स्थापित होने जा रहा है। मैं आप सभी से आव्हान करता हूं कि 22 जनवरी के ऐतिहासिक दिन को हर घर भगवान श्री राम का ध्वज एवं दीप जलाकर दीपावली मनाये। उक्त दिव्य उद्बोधन अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन के उपलक्ष्य में किशोर नगर श्री हनुमान वाटिका स्थित मनोकामनेश्वर हनुमान मंदिर में किशोर नगर रहवासी संघ के तत्वावधान में नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा प्रारंभ अवसर पर हनुमान कुंज अयोध्या श्रीधाम पधारे कथा व्यास प. पू. सुरेन्द्रदास महाराज शास्त्री ने दिए। संघ अध्यक्ष पं. प्रेमनारायण तिवारी एवं प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि कथा के आरंभ दिवस रविवार को प्रातः 11 बजे 108 माता स्वरूप नन्ही मुन्नी बालिकाओं और बड़ी संख्या में मातृशक्ति की मौजूदगी में बैंड की मधुर स्वर लहरियों के मध्य भव्य कलश यात्रा आयोजन स्थल से प्रारंभ होकर शुक्ला नगर, सुभाष नगर, एकता नगर होते हुए पुनः किशोर नगर स्थित कथा स्थल पर संपन्न हुई। कलश यात्रा का क्षेत्र वासियों द्वारा पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। कथा के दौरान सुरेन्द्रदास महाराज शास्त्री जीने अनेक सुंदर मनमोहक भजनों की प्रस्तुतियां दी जिस पर श्रद्धालु जमकर झूमे कथा के दौरान संघ के पं. प्रेमनारायण तिवारी, पं. मनोज उपाध्याय, आरके चौरे, मनोहर चंदानी, परमजीत सिंह नारग, महेश चंदवानी, पं भरत व्यास, राजू चतुर्वेदी, रितेश मिश्रा, आनंद चौरे, श्रीराम कुशवाहा, वैभव अत्रे, सुनील सोमानी, संजय शुक्ला, शिवनारायण लाड, मुकेश बाथम, नीता दीदी, गौरव चौहान, निर्मल मंगवानी, हीरालाल पटेल, प्रदीप तिवारी, देवाशीष साकल्ले, पं. राम उपाध्याय, दिनेश बरोले, भीमसिंह दरबार, आशीष अग्रवाल, दुर्गेश तिवारी, सोहन मालवीय जानकी अग्रवाल, किरन दुबे, माया सरावगी, महिला मंडल की मातृशक्ति, क्षेत्रवासी, संघ सदस्यों आदि सहित बडी़ संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थें।