काव्य : वफाओं ने मेरा पीछा न छोड़ा – समीना सुल्तान,रायसेन

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वफाओं ने मेरा पीछा न छोड़ा

वफाओं ने मेरा पीछा न छोड़ा
मुसीबत में भी दिल किसी का
न तोड़ा
वसी थी बहुत दास्ताने ग़मी
समा न सकी मुख़्तसर सी खुशी
मायूसियों से फिर भी रिश्ता
न जोड़ा
मल्लाह न कश्ती न पतवार थी
डुबकियां थीं बस मझदार थी
मगर जिंदगी का साथ न छोड़ा
मुसीबत में भी दिल किसी का
न तोड़ा
दूर हैं जो मेरी निगाह से
निभाती हुं उनको सिर्फ दुआ से
छोड़े तो छोड़े सारा जहां
समीना ने किसी का साथ न छोड़ा
मुसीबत में भी दिल किसी का
न तोड़ा।

समीना सुल्तान
शीतल सिटी रायसेन
मध्य प्रदेश

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