काव्य : मेरे राम – पंडित अभय चौरे हरदा मप्र

मेरे राम

विरोधी कहते हैं सारे राम मंदिर के
जैसे गिराया था बाबरी मस्जिद को
मंदिर को हम सीधे बम से उड़ाएंगे ।।
तुम्हारे बाप भी आ जाए तो भी
वो मंदिर को छू भी नहीं पाएंगे
मेरे राम मंदिर की एक ईट भी हटाई तो
सारे के सारे विरोधी एक साथ मारे जाएंगे।।
गजवा हिंद का सपना देखने वालों
तुम सभी के एक साथ कई तोते उड़ जाएंगे
अभी तो अवध में राम मंदिर ही बनाया है
काशी मथुरा में भी आगे मंदिर बनाए जाएंगे ।।
आप सभी के पूर्वज हिन्दू ही थे
उनकी औलादें सारे हिन्दू बन जाएंगे
हमारी बहन बेटियों को अगर हाथ भी लगाया तो
सीधे भगवाधारी तुम्हे 72
हूरों से मिलवाएंगे ।।
भारत सदा सनातनीयों का रहा है
उसे हम सदा हिंदू राष्ट्र ही बनाएंगे
रोकेगा गर कोई विरोधी जो हमको
उसे हम सदा यमराज से मिलवाएंगे।।
यहां रहना है तो कायदे में रहना होगा
वरना सारे के सारे यहां से भगाए जाएंगे
बहुत निभाया हमने भाई चारा
अब हम केवल तुम्हे चारा ही बनाएंगे।।
मेरे राम को अगर हाथ भी लगाया तो
सारे विरोधियों के दोनो हाथ काटे जाएंगे
प्रेम से रहे तो प्रेम मिलेगा तुमको भी
हम तुम सबको अपने गले से भी लगाएंगे।।

पंडित अभय चौरे
हरदा मप्र