Devendra Soni

Devendra Soni August 31, 2018

नई कविता – नवचेतना शब्दों की.. *************** आतुर हूँ एक नवचेतन की धुरी पाने को। जहाँ बसते हो शब्दों के कस्बाई लोग जागरूक हथेलियों पर उगाते हैं बेशकीमती ख्यालो की पौध….!! भावों की मौसमी बारिशें जो उर्वरित करती हैं संवेदनाओं की धरा को….!! उथल पुथल होते बादलो से संवादों को जो बिन मौसम ही बरसते […]

Devendra Soni August 31, 2018

विधा-मनहरण धनाक्षरी कृष्णा संग बसे राधा बिन श्याम सब आधा मन बसे रूप सादा ये ही सच्ची प्रीत है। श्याम जब से मिले हो कष्ट सारे ही हरे हो बजे मधुर सँगीत ये प्रेम की रीत हैं। दिल तूम ही बसे हो मन मे तूम ही रमें हो मेरा तो बस कृष्ण ही सच्चा मनमीत […]

Devendra Soni August 31, 2018

बचपन में मनाया कान्हा का जन्मोत्सव इटारसी 31 अगस्त 2018 बचपन ए प्ले स्कूल में बच्चों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप] राधा और मां यशोदा बन कर कृष्णा जन्मोत्सव को उत्साह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चन से किया गया जिसमें बच्चों द्वारा लगाए गए जयकारे] हाथी घोडा पालकी […]

Devendra Soni August 31, 2018

नई कविता – पलायन ———- सबकुछ कितना अच्छा लग रहा बेटी की शादी हो गयी बेटे को अच्छी नौकरी लग गयी भविष्य की योजनाएं बनाते आराम से गृहस्थी की गाड़ी चल रही थी। अपने पुरखों के घर से दूर महानगरी में एक छोटा फ्लैट भी ले लिया है रिटायरमेंट के बाद वही रहेगें,चैन से। पर […]

Devendra Soni August 31, 2018

मेरी राह से छूटे कदमों के निशान बाकी हैं, ऐ शैल! अभी तो बहुत से इम्तेहान बाकी हैं। मत देख पैरों में पड़े छालों को तू कभी, लहू ही तो बहा है, अभी तो जान बाकी है। मत हो परेशां, और तोड़ दे सब बंधनों को, देख तो सही! तुझसे लोगों की शान बाकी है। […]

Devendra Soni August 31, 2018

*गीत* हम बंजारे वक़्त के मारे दर दर भटकें आस लिये सजनी रुठी मंज़िल झूठी मन मृग भटके प्यास लिये… सूने मरघट जलते पनघट बनी जिंदगी विधवा की लट सपनों की आहट सूखे सपन वट चैन मिला न किसी भी चौखट हम दुखियारे रंज के मारे पीर पियें उल्लास लिये… सजनी रुठी….. जीवन तो है […]

Devendra Soni August 31, 2018

हम सब एक हैं …!! एक छांव,एक धुप में पलते, एक हीं धरा के हम सपूत । बस!अलग-अलग है रंग- रूप भाषा अनेक,संस्कृति स्वरुप । हम एक सनातन धर्मी हैं, भांति- भांति कर्मों से शोभित रंग बिरंगे गुल्दस्ते हम । हम रहें परस्पर प्रेमपूर्ण क्यों विष!समाज में घोले हैं ..? जाति के नाम पर लड़ते […]

Devendra Soni August 30, 2018

  कविता – ओ माँ ! ओ माँ तू कहाँ तेरे जैसा नही कोई यहाँ । गली गली ढूँढी मैने मंदिर मंदिर देखा नहीं मिली तेरे जैसी कोई प्रतिमा। ओ माँ तू कहाँ——- नाते रिश्तेदार देखे संगी साथी यार देखे नहीं मिला तेरे जैसा प्यार यहाँ। ओ माँ तू कहाँ——- दुनिया का मेला देखा भीड़ […]

Devendra Soni August 30, 2018

लघुकथा – ” दर्दनाक मौत” ” रेशमा को फिर तीसरी लड़की हुई है ।” गीता ने अपने पति से बताया । ” तो क्या हुआ! घर वालों का प्रेशर है इस बार लड़की हुई तो वह सलीम की दूसरी शादी करवा देंगे ऐसा पहले से ही तय है ।” पति ने बड़ा लापरवाह सा जवाब […]

Devendra Soni August 30, 2018

कत्थक नृत्य कार्यशाला प्रज्ञान में इटारसी । अपनी संस्कृति से जोड़ने तथा युवाओं में आत्म विश्वास जगानें के उद्देश्य से प्रज्ञान सीनियर सेकंडरी स्कूल, सनखेडा नाका तथा भारत कलिंग संस्था पथरौटा  के सहयोग से एक माह की कत्थक नृत्यकार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सुश्री अन्नू गुप्ता (दिल्ली) कत्थक नृत्य का प्रशिक्षण देंगी […]