Devendra Soni

Devendra Soni September 18, 2018

नई कविता – तुम्हारा ये ,दिमाग़ी ताप ! जनाब !कैसे हैं आप क्या उतरा नहीं तुम्हारा ये दिमाग़ी ताप,,,,, हम लोक नगर के रहवासी कुल चार बुत,,, लूला,लंगड़ा,अंधा बंदा अकेला मैं साबुत,,, तीर,भाले और खंजर का झेलता संताप,,,, सूरज भी तो आसमां छूती छत से अटका है,,, टुकड़ा भर धूप आँगन क्या उतरा उसी का […]

Devendra Soni September 18, 2018

नई कविता – भाषा तुम अद्भुत हो भाषा तुम अदभुत हो….. जीवन वाहिनी हो जल की तरह विचारों का वेग हो तेज गति से बहती नदियों की तरह तुम सागर हो अथाह रहस्यों को छुपाये स्वयं में प्रवाह हो वायु का जो उडा ले जाए पल में मूक होकर भी शब्दों और वाक्यों के जालों […]

Devendra Soni September 18, 2018

“तुम्हारे लिए” ********** लिखना चाहता हूॅ॑… एक कविता तुम्हारे लिए…! अनछुई सी, अनकही सी… ओस की बूॅ॑द सम प्रतिपल नयी सी…,, लेकिन भावना… शब्दों की डोर से बंध नहीं पाती…,, और चाहना… पर कटे खग सी असहाय रह जाती…! अनुभूति, खो जाती विस्मृति में…, वह, नहीं आती किसी कृति में…! सहसा प्रेम, छलकने लगता है- […]

Devendra Soni September 17, 2018

ख़ामोशियां ••••••• सुनिए कभी साथ मेरे ख़ामोशियां गुनगुनाती हैं कह न पाये जो हम कभी बात दिल तक पहुँचाती हैं। बिना कहें सुने ही सारे अफसाने बयां हो जाते हैं ख़ामोशियां अपने सुर कुछ इस तरह सजाती हैं। क्या जरूरी हे मिले अलफाज हर एहसास को ख़ामोशियां एहसासों को आँखों से छलकाती हैं। ख़ामोशी में […]

Devendra Soni September 17, 2018

होशंगाबाद विधायक की विधायक निधि से चार निर्माण कार्यो की स्वीकृति जारी होशंगाबाद/17,सितंबर, 2018/ होशंगाबाद विधायक डॉ.सीताशरण शर्मा की विधायक निधि से होशंगाबाद विधानसभा क्षेत्र में चार निर्माण कार्यो के लिए कलेक्टर प्रियंका दास ने एक लाख 80 हजार रूपए तथा नगर पालिका परिषद होशंगाबाद की निकाय निधि से 50 हजार 121 रूपए की प्रशासकीय […]

Devendra Soni September 17, 2018

गीत — रात चली कित गीत सुनाते, संग जुगनुओं के लहराते, धूल भरे सपने सहरा के – जा कर जीवन के रंग भर दो जा कर .. 1– उस मरुधर में जलते–जलते- छाले पड़ गये चलते– चलते- नदियों की धारों के पग में- जख्म ही जख्म लगे हैं तन में, बादल! जलती जल-धारों के- हिम-झीलों […]

Devendra Soni September 17, 2018

नई कविता – गोरैया बचपन से ही गौरैया को दाना रोज खिलाती थी, दाना रोज खिलाती हूं । अपनापन उपजाती हूँ । प्यारी -नन्हीं गौरैया को देख सुबह मेरी आती थी देख सुबह मेरी होती है । उनकी मीठी चह -चह सुनकर कानों में मिसरी, घुलती है । मुश्कानें बरबस खिलती हैं बचपन में, घर […]

Devendra Soni September 17, 2018

राघव रानी भाद्र मास शुक्ल पक्ष अष्टमी को , प्रकट भयी राधे रानी सुकमार। दैव लोक से आ रहे, सभी दैवता दर्शन को आज। धन्य धन्य हो रही ब्रज भूमि, जहाँ रावल में जन्म लियो। जिस जिस ने दर्शन किये, हुए पूर्ण सब काज। धन्य धन्य माँ कीर्ति , धन्य धन्य वर्षभानु नन्दं। जिनके घर […]

Devendra Soni September 17, 2018

लेख – गणपति और आध्यात्म गणपति वो शक्ति है जो मूलाधार में स्थित है। हमारा शरीर एक कुंड है और कुंड में बसी वह शक्ति ही कुंडलिनी। गणपति की आराधना का मतलब सूक्ष्मता से देखा जाय तो हमारें शरीर में सात स्थान ऐसे है जो शक्ति के केंद्र बताएं गये है। जिसे सात चक्र भी […]

Devendra Soni September 17, 2018

*गीत* बोल किसने कहा तू ये टसुए बहा आंसुओं से नहा संग किसका रहा.. यूं परेशां न हो यूं परेशां न कर साथ मेरे चला क्यों मेरी बांह धर किसकी कितनी रज़ा कौन भुगते सज़ा खीझते झींकते जीस्त का ले मज़ा जिसने जितना सहा उसने उतना गहा मन से सींचा जिसे वो कभी न ढहा.. […]