Devendra Soni

Devendra Soni October 1, 2018

स्वरचित कहानी ——— डर श्याम से मंजू के विवाह को चार साल हो गयेंथें। जैसा नाम,वैसा रुप! लंबे-चौड़े कद-काठी,पक्के श्याम वर्ण का श्याम, पुलिस विभाग की रौबदार नौकरी के कारण मंजू के माता-पिता एवं परिवार को एक नजर में पसंद आ गया।इस तरह वह सुंदर -सुशील एवं शालीन मंजू का पति बन गया।आम-भारतीय पत्नियो की […]

Devendra Soni October 1, 2018

नई कविता – प्यार घर में किसी के आने से, आँखें चमक गई। न जाने कौन भूला हुआ, मेहमान आ गया। प्यार की परिभाषा, तुम पूछते हो क्यूँ? बंधन नहीं ये प्यार, खुला आसमान हो गया। शुरूआत होती दिल से इसकी, जानते हैं सब। न जाने किस जगह पे, वो मूरत बिठा दिया। कशिश दिलों […]

Devendra Soni October 1, 2018

लघुकथा भविष्य की चिंता “विनीता का बेटा अमन काँलेज में पढ़ता है।और वहीं होस्टल में रहता है ।वैसे तो अमन को तीन साल हो गए बाहर रहते…लेकिन इस बार उसका मन ही नहीं था,वापस जाने का… विनीता सुबह से बोल रही थी!उठ जा अमन तैयार हो जा… लेकिन अमन इस बार उठने का नाम ही […]

Devendra Soni October 1, 2018

रामायण की महत्वपूर्ण पात्र उर्मिला से संबंधित एक कविता…. उर्मिला का मौन ************** निःशब्द रह गई बस नयनों से कह गई। हे सुमित्रानंदन सुनिए। अश्रुपूरित नयनो की भाषा मेरे मौन शब्दों की परिभाषा हृदयतल से उठती पुकार सुनिए। श्वास के साथ होती पीड़ा सुनिए। हे सुमित्रानंदन सुनिए। विरह की ज्वाला से झुलसी देह प्रतीक्षारत नयनों […]

Devendra Soni October 1, 2018

संस्मरण – गांधी जी और भावनगर करीबन ई.स.1915 की बात है। गाँधीजी भावनगर की मुलाक़ात के लिए आये थे। उन दिनों भावनगर में दक्षिणामूर्ति संस्था भारतीय संस्कृति की विचारधारा को लिए युवाओं का घड़तर कर रही थी। दक्षिणामूर्ति के आद्य स्थापक आ.श्री.नानाभाई भट्ट जो अपने गुरु नाथूराम शर्मा के विचारों से प्रेरित होकर ई.स.1910 से […]

Devendra Soni September 30, 2018

कविता हाँ , हक है मुझे मेरा कैद रहना झूठे रिवाज़ों में नरक है, मैं भी चाहूँ स्वतंत्र रहना, हाँ! मुझे हक़ है। मुझे हक़ है यूँ खुलकर जीना, मुझे हक़ है यूँ दिल की कहना। कोई न छीने ये खुशियाँ मुझसे, मैं भी चाहूँ सबसे मिलकर रहना। मुझे हक़ है मेरे फैसलों का, मुझे […]

Devendra Soni September 30, 2018

उन्मुक्त कब यहाँ किसीने अपने पसन्द से जी हैँ जिन्दगी , उन्मुक्त हो गले से लिपट कर कब मिली हैं जिन्दगी … पढ़ाई परिवार परिस्थिति सब ने अड़ाये हैं रोड़े यहाँ , खुली हवा में साँस लेने को कब आज़ाद रही हैं जिन्दगी …… दबाया धमकाया दी परम्पराओं की गुहार , फिर भी स्वतंत्रता की […]

Devendra Soni September 30, 2018

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का कार्यक्रम 1 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होगा कार्यक्रम होशंगाबाद/ 30,सितंबर, 2018/ अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम 1 अक्टूबर को जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रात: 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित किया जायेगा। सामाजिक न्याय विभाग के तत्वधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य […]

Devendra Soni September 30, 2018

अखिल भारतीय शब्द प्रवाह साहित्य सम्मान सरस्वती साधकों का हुआ उज्जयिनी में सम्मान लेखन और सृजन में सृजन महत्वपूर्ण होता है – डॉ. रामराजेश मिश्र साहित्य सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय ही लिखा जाना चाहिए- डॉ विकास दवे साहित्य मनुष्य को खंड खंड में नहीं पूर्णता में दिखाता है –राजकुमार राजन उज्जैन ( म.प्र. ) लोकभाषाएँ […]

Devendra Soni September 30, 2018

नई कविता – कुछ बातें उमर की ………………………………. कहो,जज़्बात कहने की भी कुछ खास उम्र हुआ करती है सुनो,अल्फ़ाज़ सुनने की भी कुछ खास उम्र हुआ करती है चली जाए उमर तो जज्बातों का कोई मतलब नहीँ होता गुज़र जाए उमर तो अल्फाजों का फिर असर नहीँ होता समझना चाहते हो दिल से बताएं बात […]