आगरा से सर्वज्ञ शेखर का आलेख – सेल्फ गोल

*_सेल्फ गोल_*

राहुल गांधी के सलाहकारों ने शायद उन्हें *ओफ्फेन्स इज द बेस्ट डिफेंस* की नीति अपनाने की सलाह दी है । इसी लिए वह और उनकी कोंग्रेस पार्टी के नेता ज्यादातर आक्रामक रणनीति बनाये हुए है ।परन्तु इस प्रक्रिया में जो गलतियां हो रही हैं और जो सेल्फ गोल हो रहे हैं वह ज्यादा घातक हैं । उन्हें शायद बताया गया है कि दिल्ली विधानसभा के पिछले चुनावों में अरविंद केजरीवाल ने भी यही नीति अपनाई थी और विजयी हुए थे।

“ओफ्फेन्स इज द बेस्ट डिफेंस” के बारे में एक जोक प्रसिद्व है । एक व्यक्ति को आफिस से घर लौटने में बहुत देर हो गई । उसे डर लगा कि घर पर पत्नी नाराज होगी । उसने अपने मित्र से कोई उपाय पूछा । मित्र बोला डरने की क्या बात है , ओफ्फेन्स इज द बेस्ट डिफेंस* । घर पहुंचो, जैसे ही पत्नी कहे इतनी देर से आये हो,तो तुरन्त ओफ्फेन्स पर आ जाना और कहना तुम्हे तो बस देर की पड़ी रहती है, यह तो पूछा नही कि क्या हुआ, तबियत तो खराब नही हो गई थी, कोई दुर्घटना तो नही हुई थी । तुम्हे क्या पता कैसे कैसे घर तक पहुँचा हूँ ।
बस फिर देखिए पत्नी कैसे डिफेंस पर आती है ।

पर कोंग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी कुछ ज्यादा ही ओफ्फेन्स पर आ रहे हैं और इस चक्कर मे सेल्फ गोल करके अपना ही नुकसान कर रहे हैं । पास ये दे रहे हैं पर बॉल विरोधी पकड़ कर इनके विरुद्ध गोल कर रहे हैं । इन्हें अपना कोच बदलना होगा ।

हाल ही में राहुल गोआ के बीमार मुख्यमंत्री से मिले । बड़ा अच्छा संदेश गया । पर्रिकर ने भी तारीफ की और गोआ के विधानसभा अध्यक्ष ने बी जे पी का होने के बावजूद प्रशंसा के पुल बांध दिए । पर दूसरे दिन राहुल ने पता नही किस की सलाह पर इस मुलाकात को राफेल से जोड़ कर सारे किये कराए पर पानी फेर दिया । पर्रिकर को आहत हो कर बयान जारी करना पड़ा और बी जे पी को बैठे ठाले एक मुद्दा मिल गया । इससे पहले लोकसभा में पर्रिकर के मंत्री के तथाकथित
टेप सदन में दिखाने और बाद में मुकर जाने , सदन में आंख मारने, पी एम से जबरन गले मिलने जैसी बचकानी हरकतों से भी किरकिरी हुई ।

इसके अलावा अब शशि थरूर अपनी ही पार्टी के पीछे पड़े हुए हैं । पहले मणि शंकर अय्यर और दिग्विजय सिंह सेल्फ गोल करते थे । दिग्विजय सिंह को मध्यप्रदेश में जिस प्रकार चुप किया गया था उसी प्रकार अब थरूर की जुबान पर लगाम लगानी होगी । कभी संगम में सब नंगे , कभी हिंदी हिन्दू हिंदुत्व को विभाजनकारी बता कर कोंग्रेस के विरुद्ध माहौल बना रहे हैं ।

किसी भी दल में ऐसे नेता नहीं है जो ऐसा बयान दें कि खुद की पार्टी खतरे में पड़ जाए । ऐसा नही है कि इन लोगो में अक्ल नही है, ये बेवकूफ नही हैं, बहुत पढ़े लिखे हैं, किताबें लिखते हैं, विद्वान हैं, पर ऐसी शिक्षा विद्वता किस काम की जो अपने देश की सर्व धर्म समभाव की नीति को न समझ सके ।

*-सर्वज्ञ शेखर*
सेक्टर 5 /49
आवास विकास कॉलोनी
सिकन्दरा आगरा
9643015966
gupta.ss05@gmail.com

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