Devendra Soni November 17, 2018

बिटिया

बिटिया चंदा की चकोरी
परीयों सी प्यारी परी।
आँगन की फुलवारी
एक पल भी न दूर करी।

पढ़ लिख जाए वो,
जीवन अपना बनाए वो।
सौंप फिर राजकुमार को दूंगी,
आँसु संग विदाई दूंगी।

मेरी अँखियों की ज्योति,
नयन में काजल सी वो रहती।
बेटे की कभी चाह न पाई,
बेटी संग प्रत्येक खुशी निभाई।

बेटी तू आँगन की आभा,
तुझ संग मात पिता की शोभा।
याद रहेगी तेरी किलकारी,
फूलों की सुन्दर फुलवारी।

– कौशल बंधनां पंजाबी
पंजाब

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