Devendra Soni May 24, 2020

0 तरकश : विनोद कुशवाहा

देश के पहले आई ए एस दम्पत्ति जो … ?

पिछले दो हफ्ते से इस कॉलम में आई ए एस अफसरों की कारगुजारियों की चर्चा हो रही है । इनको लेकर मेरे पास कुछ फोन कॉल्स भी आये । साथ ही व्हाट्सएप पर मैसेज भी । जिसमें कुछ ऐसी जानकारियां दी गई थीं जिन्हें पढ़कर मैं स्तब्ध रह गया । उसकी चर्चा फिर कभी ।

म प्र में ज्यादातर आई ए एस दम्पत्ति मलाईदार पदों पर शोभा बढ़ा रहे हैं । या फिर दोनों में से एक आई पी एस है । सो मिला – जुला खेल चलता रहता है । अरविंद जोशी – टीनू जोशी की गिनती बेहद ईमानदार अफसरों में होती थी । जब ये दोनों इन्कम टेक्स और ई डी के शकंजे में फंसे तो शासन – प्रशासन तथा आम आदमी की आंखें खुली की खुली रह गईं ।

कुछ वर्ष पूर्व प्रदेश में एक सर्वे किया गया था जिसमें ये खुलासा हुआ था कि म प्र में लगभग 90 प्रतिशत से भी अधिक आई ए एस करोड़पति हैं और ये संपत्ति उन्होंने आई ए एस बनने के बाद अर्जित की है । शासन ने इनसे हर साल चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मांगता है जो अधिकांश नहीं देते । यही वजह है कि ज्यादातर आई ए एस अथवा आई पी एस अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए राजनीति में आने के चक्कर में रहते हैं । इनमें से कुछ विधायक , सांसद , मंत्री या मुख्यमंत्री तक बन जाते हैं । राजनीतिक दल इनके प्रशासनिक गुणों – अवगुणों का लाभ तो लेते ही हैं साथ ही उनसे भ्रष्टाचार के गुर भी सीखते हैं।खैर फिलहाल बात अरविंद जोशी-टीनू जोशी की ।

फरवरी , 2010 में जोशी – दम्पत्ति के यहां आयकर विभाग ने छापा मारा । विभाग को इस आई ए एस – दम्पत्ति की लगभग 41.87 करोड़ से ज्यादा अघोषित संपत्ति की जानकारी मिली जो उनकी आय के स्रोतों की तुलना में 3151.52 प्रतिशत से अधिक थी । हालांकि अगले ही दिन जोशी-दम्पत्ति को शासन ने निलंबित तो कर दिया पर उन्हें बर्खास्त करने में शासन को भी पसीना आ गया क्योंकि देश के ये पहले आई ए एस – दम्पत्ति का मामला था । फिर म प्र शासन के लिए ये प्रतिष्ठा का प्रश्न भी था । अतएव काफी उठापठक के बाद जुलाई , 2014 में कहीं जाकर दोनों बर्खास्त किये गए । आयकर विभाग , लोकायुक्त , प्रवर्तन निदेशालय ED की संयुक्त कार्यवाही के चलते इनके खिलाफ 1552 पन्नों की चार्ज शीट दाखिल की जा सकी । उल्लेखनीय है कि ई डी ने जोशी-दम्पत्ति पर 350 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्ति रखने का आरोप लगाया था । इन सब खुलासों से जो बात छन कर सामने आई उसके अनुसार इस आई ए एस-दम्पत्ति के पास 3 करोड़ से भी ज्यादा नकद राशि , 3 करोड़ से अधिक की बीमा पॉलिसियां , 110 एकड़ जमीन , 85 लाख के फ्लैट सहित चल-अचल संपत्ति पाई गई । आश्चर्य की बात तो ये थी कि जोशी-दम्पत्ति ने अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों तक को फांस रखा था ।

इस कहानी का अंत जो होना चाहिए था वही हुआ । आई ए एस-दम्पत्ति ने काफी बहाने बनाने के बाद आखिर सरेंडर किया । फिर जेल की हवा भी खाई ।

… लेकिन सभी आई ए एस ऐसे नहीं हैं । कुछ संवेदनशील और ईमानदार आई ए एस भी हैं । हालांकि उनकी संख्या बहुत कम है पर हैं तो । उनकी कहानी भी हम सामने लायेंगे क्योंकि हमें किसी से कोई वैमनस्य नहीं । न ही हमारे मन में कोई पूर्वाग्रह है । मगर असलियत सामने लाना न केवल हमारा धर्म है बल्कि क-र्तव्य भी है ।तो फिर मिलते हैं । तरकश के अगले तीर का इंतजार कीजिये । किस को लगता है ? कौन बचता है ?

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