Devendra Soni March 31, 2020

नारी

गौरव गाथा है जिनकी,
वह चण्डिका, दुर्गा, काली है!
नारी की शक्ति को जानो,
वह समाज की अवतारी है!!
नारी है तो माँ, बहन, पत्नी हैं,
इसके बिना समाज की कल्पना भी अधूरी है!
क्यों? करते हो भेद – भाव,
ये तो सम्मान के अधिकारी है!!
इतिहास गवाह है रानी लक्ष्मीबाई
जैसी नारी ने ली जन्म यहां!
फिर भी ना जाने क्यूँ
बार – बार नारी को ही
अपमानित, प्रताड़ित की जाती है!!
जागो – जागो हे महा पापी,
देखो सवेरा हो गया!
आज नारी का उत्थान हुआ है,
गौरव गाथा है जिनकी,
वह चण्डिका, दुर्गा, काली है!!

मुकेश सिंह ,
भागलपुर

4 thoughts on “भागलपुर से मुकेश सिंह की रचना – नारी

  1. मेरी रचना नारी युवा प्रवर्तक के माध्यम से प्रकाशित हुआ जिससे मुझे अपार खुशी हुआ इसके लिए मैं अपने सहयोगी मित्रों सभी को बारंबार धन्यवाद देता हूँ!

    1. नारी शक्ति की बहुत ही उत्तम शब्दों में अभिव्यक्ती।
      बहुत खूब मुकेश, हमेशा यूं ही आगे बढ़ते रहो, मेरी ईश्वर से यही अभिकामना है।

  2. नारी शक्ति की बहुत ही उत्तम शब्दों में अभिव्यक्ती।

  3. नारी शक्ति की बहुत ही उत्तम शब्दों में अभिव्यक्ती।
    बहुत खूब मुकेश, हमेशा यूं ही आगे बढ़ते रहो, मेरी ईश्वर से यही अभिकामना है।

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