Devendra Soni March 27, 2020

करोना

नवीं यारों एक आफ़त आई,
जिसने सारी दुनिया डराई।

पहले कहा वायरस करोना,
अब कहने लगे कोविंड- ऊनी।
कोई कहे अमरीकें ने छोड़ा,
कोई कहे यह पैदाईश चीनी।
कोई भी ना इलाज़ है इसका,
ईश्वर तूंही इस से अब बचाई।
नवीं यारों…

खांसी – ज़ुकाम, गला दुखना,
बुख़ार और दुखते हड्ड -पैर है।
आम फ्लू जैहै इसके लक्षण,
परन्तु यहाँ साँस उखड़ते ढ़ेर है।
पेस चले ना डाक्टरों की,
मुश्किल में है यह लोकाई।
नवीं यारों…

इलाज़ से परहेज़ अच्छा,
बात न लोगों को समझ आए।
ख़ुद को कैसे अलग रखना,
क्यों सामाजिक दूरी अपनाई जाए।
फिर बीमारी नज़दीक न लगे,
मनदीप रखें अगर ख़ुद की सफ़ाई।
नवीं यारों…

मनदीप गिल धड़ाक
मोहाली,पंजाब
9988111134

3 thoughts on “मोहाली,पंजाब से मनदीप गिल धड़ाक की रचना – कोरोना

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