Devendra Soni February 24, 2020

कोमल है कमजोर नही

         

कोमल है कमजोर नहीं है भारत की यह सारी नारी
त्याग बलिदान समर्पण इसका इस नारी का            गहना है नारी अद्भुत अलौकिक महान त्याग की देवी  है
नारी से ज्यादा कोई शक्ति सील नहीं हररूप में     
वह श्रेष्ठ है हर रूप में
जननी जन्मभूमि है नारी
एक बेटी है तो कुल की इज्जत
परिवार का सम्मान है
अब उठ खड़ी हो जाओ बेटी यह तुम्हारा अधिकार है
कोमल हो कमजोर नहीं हो
नारी हो नारी का ही तुम सम्मान करो…..?

विडंबना यह है इसी औरत का तिरस्कार करते हैं लोग
कभी कामचोर तो कभी झूठी कहकर 
ना जाने क्यों किसी को नजर नहीं आता औरत का त्याग
हर बार नारी क्यों बन जाती हैं बेचारी
क्योंकि हम में ही कहीं कमी है मानें

एक लड़की जब वह बेटी थी बहन थी
तब कुल का उस पर बोझ था
और उसी घर का बेटा कुल की मर्यादा
कहलाता है

अब वक्त आ गया है
बेटियों को नहीं बेटों को समझाना है
नारी शक्ति की मशाल जलाना है
क्योंकि वह कोमल है कमजोर नहीं

आज की नारी सुशील समझदार जिम्मेदार
कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली है
हर मुश्किल वक्त में साथ देती है नारी
फिर भी समाज ना जाने क्यों देता है गाली
इससे बड़ी दुर्भाग्य की बात क्या होगी

इस समाज की धरोहर है नारी
अद्भुत अलौकिक इतिहास में भी है नारी
फिर भी तिरस्कार समाज से सहती है नारी
फिर भी हंसती मुस्कुराती रहती है नारी

इस अतुल्य भारत में अद्भुत
अलौकिक त्याग की देवी है नारी
किसी ने समाज को शिक्षा का महत्व सिखाया     
किसी ने जीने की राह दिखलाई है

नारी के सहयोग से ही चलता है यह संसार
मगर प्रश्न है फिर वही लज्जित है क्यों नारी?

पूनम पाल मुम्बई

18 thoughts on “मुम्बई से पूनम पाल की रचना -कोमल है कमजोर नही

Leave a comment.

Your email address will not be published. Required fields are marked*