Devendra Soni February 15, 2020

जिंदगी एक पहेली

जिंदगी एक पहेली है कोई खेल नहीं
जिंदगी सुख-दुख की सहेली है,
कोई जेल नहीं।
हमने तो जीना सीखा बस अबतक उम्मीद के सहारे।
कौन कबतक साथ देगा
कब मुख मोड़ लेगा
सबसे अलग कर देगा किनारे।
नहीं पता वक्त का कब तक साथ रहेगा हमारे।
मतलब की दुनिया सारी
जिसका कोई नहीं वह है बेचारी।
माना,हर मुश्किल घड़ी में किस्मत का चलता रेल नहीं।
जिंदगी एक पहेली है कोई खेल नहीं।
मानो तो गैर भी बनेगा सहारे।
चाहत हो तो नामुमकिन भी मुमकिन होगा तुम्हारे।
यह मजाक नहीं कुदरत का कोई अनोखा मेल है।
जिंदगी एक पहेली है कोई खेल नहीं।
जो मिले खुशी से स्वीकार करो
और-और की चाहत का प्रतिकार करो।
क्योंकि, यह जिंदगी है न मिलेगी तुम्हें दोबारा।
अनमोल रत्नों की गठरी यम के आगमन पर बेकार होगा सारा।
जिंदगी एक पहेली है
कोई खेल नहीं।
जिंदगी सुख-दुःख की सहेली है।
कोई जेल नहीं।

@ऋतु राज वर्षा
रांची

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