Devendra Soni February 14, 2020

पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि

तिथि फरवरी की चौदह वीरों की खातिर काल हुई।
पुलवामा की धरती वीरों के शोणित से लाल हुई।
टुकड़े टुकड़े में बिखरा था बदन का हिस्सा धरती पर-
रो रो कर बेटों के दुःख में भारत मां बेहाल हुई।

धरती का आंचल चौव्वालिस बेटों से कंगाल हुआ।
पुनः कलंकित पुण्य भूमि भारत का ऊंचा भाल हुआ।
कोलाहल हर ओर मच गया सन्नाटा सा पसर गया-
मां बहनों का रोते रोते पूछो ना क्या हाल हुआ।

पलक झपकते ख़ुशी सभी के मातम में था बदल गया।
हंसते गाते वीर सपूतों को ये काल था निगल गया।
वैलेंटाइन का फूल चढ़ा था शहीदों की समाधि पर –
रोई थी हर आंखें उस दिन पत्थर दिल भी पिघल गया।

रिपुदमन झा “पिनाकी”
धनबाद (झारखण्ड)
स्वरचित

1 thought on “धनबाद से रिपुदमन झा पिनाकी की अभिव्यक्ति-पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि

  1. मेरी रचना प्रकाशित करने के लिए हार्दिक आभार अभिनंदन धन्यवाद 🙏 आदरणीय

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