Devendra Soni January 17, 2020

हर रात आखरी है हर बात आखरी है
जिंदगी के सफर में हर साथ आखरी है
लफ्जों में तेरे जिक्र नहीं,
बातों में फिक्र आज भी है
मेरी यादों में तेरी होने का शोर और जिक्र आज भी है
हर रात आखरी है हर बात आखरी हो
जिंदगी के सफर में हर साथ आखरी है ।

पूनम पाल, मुंबई

7 thoughts on “मुंबई से पूनम पाल की रचना

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