Devendra Soni January 14, 2020

गीत – मैं – सुनाता गीत उनके

1-
परवानों ने शम्मा के साथ मिल कर ,
शाम की जिस लालिमा के गीत गाए ,
जिसने पथिक की राह में दीपक जलाए ,
जिसने यहां मुस्कान के मोती लुटाए
मैँ सुनाता ..
2-

कोपलों पर किरन जो गातीं सबेरे ,
बंजरों मेँ भी जिसने नगमे बिखेरे ,
अल्हड हवाएं साहिलों पर बोलतीं –
मधु भाव बनतीं ,गांठ मन की खोलतीं ,
मैं सुनाता ..
3-

आतीं चाँदनी में ,झील पर रानाइयां ,
आ ,गुनगुनाती पास से अंगड़ाइयां ,
पतवार जो नगमे सुनातीं मंजिलों के ,
जो बतातीं राज लहरें -सहिलों के ,
मैँ सुनाता …

अजय कुमार सिंह भदौरिया
जिला भिंड ,मध्य प्रदेश

स्वरचित

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