Devendra Soni January 14, 2020

आर्ष परिषद सागर का अष्टम् वार्षिकोत्सव समारोह एवं युवा महोत्सव संपन्न
मनुष्य आयु से नहीं अपने कर्म से युवा होता है- डॉ.आशीष द्विवेदी।

सागर।दिनांक 13 जनवरी 2020
वर्तमान संदर्भ में युवा को आयु से परिगणित किया जाता है। सरकारों ने भी युवा को 40 से 45 वर्ष की सीमा में बांध दिया है जो सही नहीं है।वस्तुतः युवा का आयु से कोई संबंध नहीं है। जो क्रियाशील है, सृजनशील है वह किसी भी आयु का हो युवा कहलाता है। विवेकानंद ने भी यही कहा कि सच में युवा वह है जो भावी संभावनाओं को लेकर सतत् गतिशील क्रियाशील रहता है। विवेकानंद जी के कथन का प्रमाण अब्दुल कलाम, अटल बिहारी वाजपेयी, नेल्सन मंडेला आदि हैं जो चिर युवा रहे। इन्होंने अंतिम सांस तक युवाओं की तरह सक्रिय कार्य किया। यह बात परिषद के आठवें वार्षिकोत्सव समारोह में डॉ.आशीष द्विवेदी ने मुख्य वक्ता के तौर पर कही। विशिष्ट अतिथि आशीष ज्योतिषी एवं बी डी पाठक ने भी इस अवसर पर युवाओं को संबोधित किया। संचालन अंबिका यादव ने किया।
वार्षिकोत्सव समारोह के प्रथम सत्र में नवोदित कवियों का समवाय हुआ।अध्यक्षता डॉ.सतीश पांडे प्राचार्य ने की। विशिष्ट अतिथि कवयित्री श्रीमती जयंती सिंह लोधी और कवि आर के तिवारी तथा मुख्य अतिथि डॉ अशोक कुमार तिवारी थे।इस अवसर डॉ. नलिन जैन के काव्यमय संचालन में प्रभात कटारे,भावना बड़ोन्या,रक्षा पुरोहित,प्रशांत ढेकले,कपिल चौबे, ममता भूरिया,अभय सिंह,विकास सिंह,शुभि विश्वारी, सत्यम अग्निहोत्री,प्रीति शांडिल्य,दीक्षा पटेल आदि ने काव्य पाठ किया।परिषद द्वारा सभी को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के तृतीय सत्र में आयोजित सम्मान समारोह में नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया के मुख्य आतिथ्य में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि करने वाले विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया जिनमें ‘निर्मल साहित्य सम्मान’ प्रो. संध्या टिकेकर शास.कन्या महाविद्यालय बीना को, ‘स्वामी विवेकानंद सारस्वत सम्मान’ प्रो.नवीन कानगो, विभागाध्यक्ष डॉ.हरी सिंह गौर वि.वि. सागर को,’स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट युवा सम्मान’ युवा सितारवादक डॉ.सिद्धार्थ शंकर शुक्ला सागर को, ‘स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट मानव सेवा सम्मान’ डॉ.विनोद तिवारी अध्यक्ष श्रीराम सेवा समिति सागर को तथा पं.शोभा राम रावत स्मृति श्रम सेवा सम्मान गुजराती नमकीन भंडार के संस्थापक स्व.जेठा भाई अंबालाल दर्जी (मरणोपरांत) को प्रदान किए गए।डॉ.अशोक कुमार तिवारी द्वारा अपने ससुर की स्मृति में इस वर्ष प्रारंभ किए गए शोभाराम रावत स्मृति सम्मान को स्व.जेठालाल के पुत्रों एवं परिजनों ने प्राप्त किया।कुशल संचालन रमाकांत मिश्र शास्त्री ने किया। सम्मान पत्रों का वाचन डॉ.चंचला दवे,डॉ.शशिकुमार सिंह,डॉ. नौनिहाल गौतम,हरीसिंह ठाकुर एवं कपिल बैसखिया ने किया।
कार्यक्रम के चतुर्थ एवं अंतिम चरण में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए जिसमें राइजिंग स्टार अकादमी तथा आदर्श सरस्वती शिशु मंदिर के बालक बालिकाओं ने लव यू जिंदगी, कालबेलिया, कान्हा सोजा जरा, नैनोवाले ने,तेरी मिट्टी, नगाड़े संग ढोल बाजे, ढोल ना ढोल बाजे आदि गानों पर एकल एवं सामूहिक नृत्यों की मोहक प्रस्तुति दी।अंत में मुख्य अतिथि लोकविद् देवी सिंह राजपूत एवं वरिष्ठ कवि निर्मल चंद निर्मल द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए। आभार प्रदर्शन आर्ष परिषद के अध्यक्ष डॉ.ऋषभ भारद्वाज द्वारा किया गया।
इस अवसर पर संस्था के संरक्षकगण मदन चौरसिया,कैलाश देवलिया और उमाकांत मिश्र सहित कुंदन पाराशर, हरी शुक्ला, विजय मिश्र, प्रेम नारायण तिवारी, विजय कुमार तिवारी, महेश उदेनिया, विवेक सेन, सूर्यकांत द्विवेदी, डॉ.संजय कुमार,के.के.तिवारी,जितेंद्र,विनोद, शुभम रायकवार,नीरज पाठक, रजनी मिश्रा, शिल्पी अग्रवाल,विमला सैनी,निकिता यादव, कैलाश यादव,निखिल यादव,कृष्णा साहू आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

चंचला दवे, सागर

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