Devendra Soni December 4, 2019

माँ का साथ

तेरी लोरी से,मेरे नीँद आने तक।
तेरी गोद से,मेरे सो जाने तक।
हर एक दुआ मे तुम होती हो।।

तेरे आँचल से,मेरे छुप जाने तक।
मेरे रूठने से,तेरे मनाने तक।
हर एक आस मे तुम होती हो।।

तेरे प्यार से,तेरे गुस्सा करने तक।
तेरी फिक्र से,तेरे दुलार तक।
मेरी हर खामोशी मे तुम होती हो।।

हाँ माँ मेरी जिन्दगी की हर एक सीमा पर,
मेरे हर सही गलत के फैसले मे,
मेरी खुशी से लेकर,मेरे दुख मे।
बस तुम ही हो जो मेरे साथ होती हो।।

~नितान्शी अग्रवाल
हाथरस

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