गरियाबंद से कृष्ण कश्यप की कविता – हमारी पहचान हिंदी

“हमारी पहचान हिंदी”

अंतर्मन की आवाज हिन्दी,
प्रकृति का है अनुराग हिन्दी।
हिन्दुस्तान की शान हिन्दी,
कलमवीरों का मान हिन्दी।
हम सबका अभिमान हिन्दी,
शहीदों का बलिदान हिन्दी।
संस्कृति की पहिचान हिन्दी,
देश का स्वाभिमान है हिन्दी।
मजदूरों की मेहनत हिन्दी,
धनवानों की शोहरत हिन्दी।
किसानों का पसीना हिन्दी,
सैनिक चौड़ा सीना हिन्दी।
झरझर बरसता सावन हिन्दी,
गीता कुरान सा पावन हिन्दी।
सुहागिनों का सावन हिन्दी,
गंगा जल सी पावन हिन्दी।
नदी झरना कल-कल हिन्दी,
महकता फूल हर पल हिन्दी।
मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा हिन्दी,
गिरजाघर जैसा प्यारा हिन्दी।
गर्व देश का, राष्ट्र गान हिन्दी,
देह के लिए जैसे जान हिन्दी।

✍️कृष्ण कुमार कश्यप
शिक्षक
शा.उ.मा.वि. उरमाल
जिला- गरियाबंद

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