लखीमपुर खीरी से राहुल मौर्य की रचना – हिन्द देश की प्यारी हिन्दी

हिंदी दिवस

हिन्द देश की प्यारी हिंदी,
भाषाओं में न्यारी हिंदी,
शब्द-शब्द गौरव गाथा हैं,
राजदुलारी, प्यारी हिंदी ।

वैज्ञानिकता की खान है हिंदी,
भावों का संसार है हिंदी,
सरल स्वभाव है इसका सबसे,
हम सबकी जान है हिंदी ।

भाव सागर है ज्ञान का हिंदी,
हम सबकी पहचान है हिंदी,
कड़वे को भी जो मीठा कर दे,
मिष्ठानों का भंडार है हिंदी ।

तुलसी, सूर, कबीर की हिंदी,
कृष्णदिवानी मीरा की हिंदी,
अनंत काल तक गूंज जिसकी,
छंदबद्ध, लयकारी हिंदी ।

हमको पुरखो की देन है हिंदी,
हिन्द देश के सम्मान की हिंदी,
जो सबको प्यार में बंधे रखती,
रग – रग में बहती है हिंदी ।

*स्वरचित*
*✍️राहुल मौर्य ‘संगम’*
*गोला गोकरननाथ खीरी*

Please follow and like us:
0

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*