लुधियाना से वरदान जिंदल की रचना – हमें न्याय चाहिए

हमें न्याय चाहिए

जिसे खिलना था बाकी
वो प्यारा सा एक फूल थी
आ गई दरिंदों के सामने…
क्या यही उसकी भूल थी

कैसे उन दरिंदों ने
ये कुकर्म किया होगा
उस मासूम की चीखों को
कैसे अनसुना किया होगा

आखिर कैसे उस बच्ची ने
ये असहनीय दर्द सहा होगा
“प्लीज अंकल छोड़ दो मुझे”
ये वाक्य भी तो कहा होगा

जिसे लगने ना दिया कांटा एक
उसे चाकूओं से वो गोद गया
आज फिर इंसानियत के लिए
वो एक बड़ा खड्डा खोद गया

सुनो देश के हुक्मरानों
ये बात यही नही थमनी चाहिए
मिले न्याय हर बच्ची को
उन दरिंदों को फांसी मिलनी चाहिए
स्वरचित

© *वरदान जिंदल*,लुधियाना

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