ऑटम वर्सेस: मानवीय भावनाओं एवं रिश्तो की जटिलताओं की कविताएं-समीक्षक ,आरती प्रियदर्शिनी 

ऑटम वर्सेस: मानवीय भावनाओं एवं रिश्तो की जटिलताओं की कविताएं

पुस्तक—– Autumn Verses
लेखिका —–  दीपाली शेट्टी मेहदीरत्ता 
समीक्षक —— आरती प्रियदर्शिनी 

      “ऑटम वर्सेस” अंग्रेजी में लिखा हुआ एक काव्य संग्रह है जिसकी रचयिता हरियाणा की दीपाली सेठी मेहदीरत्ता है । प्रखर गूँज प्रकाशन के सानिध्य में प्रकाशित इस संग्रह की सभी कविताएं मानवीय भावनाओं एवं रिश्तो की जटिलताओं पर आधारित है। एक मनुष्य का जीवन सदैव दिल और दिमाग की जंग में पिसता रहता है । भावनाओं की अभिव्यक्ति उसके दुखों का कारण बनती है तो मन में  गड्डमड्ड होती बातें उसे चैन से जीने नहीं देती। ऐसी ही भावनाओं को पिरोती है उनकी समस्त कविताएं ––

“Love yourself”, “Don’t cry” ,”Puppet”, “Phoenix”, “Love is imperf”, Darkness”, suffocation”, Dew drops”…….

        यह सभी कविताएं मानव के मन मस्तिष्क में चल रही उथल-पुथल को दर्शाता है। जिसे अंग्रेजी के सुंदर शब्दों मे ढाला है दीपाली जी ने।

 एक कविता “woman”  में वह लिखती है—-

“On some days I am on top of the world 

On some days I am the best I can be 

On some days I barely survive 

On some days I am just me 

Let me live the way I want 

Not how you want me to be”

 इस कविता में एक औरत का जज्बा और हौसले को कवयित्री ने भावनात्मक शब्दों में ढाला है। अपनी कविता “Phoenix”  में भी उन्होंने एक सकारात्मक संदेश दिया है भय और निराशा से उबरने के लिए। 

“Learn how to swim and fight 

Against the raging storm within 

Rise above the ashes like a phoenix 

Don’t keep smouldering from within 

Burn the hopelessness and despair instead 

And feel alive again….”

जिंदगी प्यार और जीवनसाथी के बारे में भी दीपाली जी का एक अलग ही दृष्टिकोण है। “Love is life” कविता में वह लिखती हैं—

“Love is not just a four letter word 

It means the ‘world’ 

Love is the reason why the world goes 

around 

Without love the world would have ceased 

to exist ”

जिंदगी में चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों ना हो हमें अपने खुद के बनाए रास्ते पर ही शनैः  शनैः अग्रसर रहना चाहिए और आत्मविश्वास के साथ सदैव कर्मरत रहना चाहिए, यही संदेश देती है यह पुस्तक “Autumn Verses”


आरती प्रियदर्शिनी , गोरखपुर

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