नवी मुम्बई से मंजु गुप्ता की अभिव्यक्ति- आजाद: जिनकी शहादत से हर भारतवासी आजादी की साँसें ले रहा है

सरफ़रोशी की तमन्ना

आजाद: जिनकी शहादत से हर भारतवासी आजादी की साँसें ले रहा है

क्रांतिकारी चन्द्रशेखर का जन्म २३ जुलाई १९०६ को मध्यप्रदेश के गाँव भावरा में हुआ था . उनकी 113 वीं वर्षगाँठ को हार्दिक नमन .जिनकी शहादत से हम आजाद हुए .
‘ आजाद ‘ में देश भक्ति और देश को आजाद कराने का जज्बा बचपन से ही था . देश गुलाम था , लेकिन ‘ आजाद ‘आजाद थे . जलियाँ वाले बाग़ का नरसंहार देखकर आजाद ने पढ़ाई छोड़कर देश को आजाद कराने का बीड़ा उठाया . उन्होंने १५ साल की उम्र में बटुकेश्वर , भगत सिंह और युवाओं के साथ क्रांतिकारियों कि फौज बनाई थी . आखिरी सांस तक गोरों के खिलाफ हिम्मत जुटाने का संदेश दिया . कभी भी विदेशी शासन के सामने सिर नहीं झुकाया ।
इलाहाबाद में 27 फरवरी 1931 के दिन अंग्रेजी सेना की गोलीबारी से आजाद को वीरगति मिली । इसी जगह स्मरण चिन्ह के रूप में चन्द्र शेखर आजाद पार्क का निर्माण कराके भव्य प्रतिमा आजाद शेखर की स्थापित की है । कुछ साल पहले मैंने अपने पति के साथ इलाहाबाद में इस स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा पर पुष्पों से पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जज्बे को नमन किया। निडर आजाद ने 24 साल की अल्पायु में अपनी शहादत दे के हमारे लिए आजादी की राह बनाके सदा के लिए अमर हो गए ।

क्या ही अच्छा होता कि सारा राष्ट्र विविध कार्यक्रमों के द्वारा उनकी 113वीं जन्म शताब्दी मनाता . २१ वी सदी की भावी पीढ़ी उनके व्यक्तित्व कृतित्व से परिचित होती और प्रेरणाप्रद व्यक्तित्व से देश प्रेम , देशभक्ति के भावों
को अपने अंतर्मन में जगा सके ।

डॉ मंजु गुप्ता
वाशी , नवीमुम्बई

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