सूरजपुर से अनसुईया झा की रचना – महावीर जयंती

महावीर जयंती
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सृष्टि उपवन में खिला फूल ,
दिव्य पुण्य सुमन महावीर ,
पावन धरती में अवतरण हुआ !

सत्य ,अहिंसा ,ब्रम्हचर्य ,
अस्तेय ,अपरिग्रह का ,
जन मन में संदेश देने ,
जन्म हुआ महावीर का !

मॉ त्रिशला पिता सिध्दार्थ ,
के घर हुआ पुत्र रतन ,
राज ,वैभव का सुख
रास न आया ,
सुख का परित्याग कर ,
दुख निवारण खोज में ,
निकल पड़े महावीर !

जियो और जीने दो ,
त्याग ,तपस्या ,सतकर्म ,
का जन मन में देने ,
संदेश युग में अवतार
लिये महावीर !

जियो और जीने दो !
अहिंसा परमोधर्म है !
का पुनः करना होगा
शंख नाद तभी सच्ची
भक्ति है महावीर का !

-अनुसुईया झा
स्वरचित

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