परलिका, राजस्थान से राज स्वामी की ग़ज़ल – चुनाव

चुनाव
(गज़ल )

सोच रहा हूँ कई दिनों से
हुई नहीं बात कई दिनों से

खामोश है एक कुनबा यारों
लगी नहीं आग कई दिनों से

मिलने लगे हैं आदमी से आदमी
आया है चुनाव कई दिनों से

मिलेंंगे घर और राहत कर्ज से
हुई है वादों की बरसात कई दिनों से
~~~~~
राज स्वामी(राजेश)
गाँव-परलिका
तहसील-नोहर
जिला-हनुमानगढ़(राज.)

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