नागरिक पत्रकारिता में विनोद कुशवाहा – न कोई इस पार हमारा न कोई उस पार


स्वर्गीय मुकेश की पुण्यतिथि पर आयोजन – ‘न कोई इस पार हमारा न कोई उस पार’

इटारसी । स्वर्गीय मुकेशचंद्र माथुर की पुण्यतिथि पर रोटरी क्लब द्वारा स्थानीय न्यास कॉलोनी स्थित वृद्धाश्रम में ” आपसी मेलजोल ग्रुप ” की प्रस्तुति ‘ एक प्यार का नगमा है ‘ का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सर्वश्री दीपक अग्रवाल , जयकिशोर चौधरी , नवनीत कोहली , ललित अग्रवाल , प्रभात खंडेलवाल सहित समस्त अतिथियों ने मुकेश जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए । ‘परिवर्तन’ संस्था के संयोजक श्री अखिलेश दुबे ने भोपाल से विशेष रूप से इस ‘ गीत संध्या ‘ में शामिल श्री प्रकाश पगारे का स्वागत् किया । तत्पश्चात ‘आपसी मेलजोल ग्रुप’ के सदस्यों के अतिरिक्त बाहर से पधारे गायकों ने भी स्वर्गीय मुकेश के गानों को अपना स्वर दिया । इनमें प्रमुख रूप से श्री अजय श्रीवास्तव ( नैन हमारे ) , श्री रामविलास गुप्ता ( एक प्यार का नगमा है ) , श्री विशाल पांडे (तौबा ये मतवाली चाल ) , श्री विवेक पांडे ( मैं तो हर मोड़ पर ) , श्री राजकुमार बावरिया (बोल राधा बोल ) , श्री अनिल तिवारी ( जो तुम को हो पसंद ) , श्री एन पी प्रजापति (दुनिया से जाने वाले ) , श्री सुरेश करिया ,
श्री राजकुमार उपाध्याय केलू ( सुहानी चांदनी रातें ) , श्री राकेश दुबे ( किसी की मुस्कुराहटों पर ) , श्री बाबा भाई ( तेरी निगाहों पर ) , श्री कमलेश मनवारे ( आज तुमसे दूर होकर ) , श्री रोहित नागे ( ओह रे ताल मिले ) , सुश्री राशि खाड़े – श्री अजय श्रीवास्तव ( फूल तुम्हें भेजा है ) , संदीप तिवारी ( सजनवा बैरी हो गए हमार ) , श्री कमल किशोर शुक्ला – सुश्री राशि खाड़े ( संसार है एक नदिया ) द्वारा हरदिल अज़ीज़ गायक मुकेश के गीतों की समधुर प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया । जहां एक ओर श्री राजकुमार बावरिया ने अपनी स्वभाविक आवाज में गीत प्रस्तुत किया तो वहीं दूसरी ओर श्री अनिल तिवारी की प्रस्तुति का अंदाज़ बेहद पसंद आया । श्री रामविलास गुप्ता ने मनोज कुमार पर फिल्माये गए ” शोर ” फ़िल्म के लोकप्रिय गीत ‘ एक प्यार का नगमा है ‘ ( गीतकार संतोष आनन्द ) को बहुत ही दिलकश आवाज में गाकर स्वर्गीय मुकेश जी की याद ताजा कर दी । इस सादगीपूर्ण आयोजन का आकर्षण रहा श्री सूर्यकांत भाऊ – श्रीमती राधा मैना का युगल गान ‘ तेरे होठों के दो फूल प्यारे प्यारे ‘। उनकी गायन की जुगलबंदी ने श्रोताओं के दिल को छू लिया । ‘ पिया एक तेरा प्यार , मेरे सोलह सिंगार , मुझे अब दर्पण से क्या लेना ‘ । इस गीत की इन पंक्तियों ने तो वातावरण को अपने माधुर्य से जीवंत कर दिया । इस गरिमामय कार्यक्रम का कुशल एवं सफल संचालन श्री कमल किशोर शुक्ला ( डेज़ी भाई ) ने किया । ‘ गीत गंगा ‘ के सूत्रधार श्री रोहित नागे के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम को इटारसी के श्रोता लम्बे समय तक याद रखेंगे । आयोजन को सफल बनाने में ‘आपसी मेल जोल ग्रुप’ के समस्त सदस्यों का सहयोग उल्लेखनीय रहा । त्यौहार के बावजूद वृद्धाश्रम के वरिष्ठ सदस्यों सहित बड़ी संख्या में इटारसी के सभी वर्गों से कार्यक्रम में सम्मिलित श्रोता अंत तक मुकेश जी के गीतों को सुनने के लिए उपस्थित रहे । मुझे जरूर आखिर तक ये प्रतीक्षा रही कि शायद कोई मुकेश जी का पहला और अंतिम गीत गायेगा । … लेकिन ऐसा हो न सका । स्वर्गीय मुकेश को श्रद्धांजलि स्वरूप इन गीतों की प्रस्तुति से निश्चित ही आयोजन की सार्थकता बढ़ जाती । वैसे तो उन्होंने कई भाषाओं में हजारों गीत गाये हैं जिन्हें याद रखना सम्भव नहीं । फिर भी उनके कुछ गीत तो हमारी जुबां पर आ ही जाते हैं और हम गुनगुनाने लगते हैं … जाने कहां गए वो दिन , कहते थे तेरी राह में , नज़रों को हम बिछायेंगे । फिर भी मेरा सम्मान रखते हुए कमल भाई सहित अधिकांश गायकों ने मेरी फरमाईश पूरी की । सबका आभार । धन्यवाद् रोटरी क्लब । शुक्रिया ” आपसी मेल जोल ग्रुप ” । जिन्होंने अतिथि के रूप में मुझे सम्मान दिया । शुक्रिया स्नेही अनुज , मेरे मित्र , मेरे सुख दुख के साथी श्री कमल किशोर शुक्ल । स्वागत् , सम्मान और सम्बोधन के लिए अवसर देने हेतु । अगले वर्ष पुनः इस कार्यक्रम में शामिल होने का इन्तज़ार रहेगा.

– विनोद कुशवाहा . इटारसी।

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