संस्मरण

Devendra Soni March 24, 2020

संस्मरण: गाँव मेरा मुझे याद आता रहा आज हमारा गाँव देखने में काफी विकसित प्रतीत होता है | आज से ४० वर्ष पूर्व जो सुविधाएँ नहीं थीं वो सब हैं | सबसे बड़ा परिवर्तन है बिजली का होना | १९८० से १९९६ तक गाँव में सुविधाओं का अभाव था, परन्तु शांति थी ,सुकून था |आज […]

Devendra Soni March 15, 2020

संस्मरण कोई नाम ही नही है मेरा ! कल की ही बात है अपनी सहेली मीना के यहाँ होली मिलन समारोह में पहुंची थी।कई चेहरे जाने पहचाने थे और एखाद अनजाना उनसे पहली मुलाकात थी आदत नुसार नमस्ते के अभिवादन के साथ मेरा परिचय दे उनका परिचय लेने की चाह मुस्कुराते हुएजी मैं सुरेखा अग्रवाल […]

Devendra Soni March 8, 2020

संस्मरण 1 मेरी पीढ़ी का सच कहा जाता है एक व्यक्ति अपने जीवन में पाँच जीवन जीता है,देखता है और समझता है।दादा-नाना से लेकर नाती- पोते तक सबसे अधिक लगाव मनुष्य को अपनी पीढ़ी से ही होता है। देश की स्वतंत्रता के वे प्रारंभिक दिन थे।बचपन उसका भी था और मेरा भी।उत्साह और उमंग से […]

Devendra Soni March 8, 2020

विश्व महिला दिवस : परिवर्तन अब नहीं तोड़ती पत्थर वह… घर के आँगन में पत्थर लगने का काम होना था। ठेकेदार से मेरी सारी बातचीत हो चुकी थी। तभी गेट पर साइकिल-रिक्शा में पत्थर भरकर एक लड़का आया, और उसके साथ ही थी चेहरे पर एक सहज मुस्कान लिए, करीने से बंधी साड़ी में लिपटी, […]

Devendra Soni March 7, 2020

संस्मरण जब महाविद्यालय को शासकीय करवाया बात उन दिनों की है,जब में महाविद्यालय की छात्रा थी।उस समय जगदलपुर शहर में लड़कियों का एक ही कॉलेज था।जो अनुदान पर चलता था । सरकारी अनुदान के भरोसे हजारों छात्राओं को पढ़ाना और सुविधाएं देना टेढ़ी खीर ही था। महाविद्यालय के प्राचार्य साहित्यिकार भी थे, जो जानते थे […]

Devendra Soni March 6, 2020

विश्व महिला दिवस पर ,संस्मरण मैं हूँ न ! #संस्मरण ये एक ऐसी घटना है जो याद आते ही मन थोड़ा कड़वा हो जाता है और इस बात पर यकीन भी पुख्ता हो जाता है कि हम औरतें कहीं सुरक्षित नहीं है तब तक जब तक कुछ घटिया लोग भरे पड़े है हमारे समाज में […]

Devendra Soni March 6, 2020

महिला दिवस पर एक सुखद संस्मरण पी. पी. न. बात उस समय की है जब आज की तरह सब के पास मोबाइल नहीं होते थे ।मोबाइल तो बहुत दूर सबके घरों में फोन ही नहीं होता था । मोहल्ले के दो- चार घरों में ही तार वाला फोन लगा होता था । मेरे घर में […]

Devendra Soni March 5, 2020

संस्मरण: मेरा प्यारा बचपन आज बहुत शिद्दत से याद आ रहा है ग्रामीण परिवेश में बीता मेरा अल्हड़ बचपन जहाँ सिर्फ मीठी शरारतें होती थी ।शहर के शोर-शराबों से दूर नदी के किनारे छोटे से गाँव मे बिता मेरा शानदार सा बचपन जहाँ मेरी पूरी दुनिया मेरे दोस्त ही हुआ करते थे ।कोई पेड़ पर […]

Devendra Soni March 5, 2020

भारतीय मानस में महिला-दिवस की सार्थकता बात उस वक्त की है जब बिहार में शराब बंदी नहीं हुई थी.उस दिन पूरे देश में महिला दिवस की धूम थी, टीवी और अखबारों में महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के जीवन में सामाजिक बदलाव के सकारात्मक परिवर्तन से प्रभावित मैं अपनी कामवाली आरती का इंतजार कर रही थी.,वह […]

Devendra Soni December 29, 2019

संस्मरण मेरी माँ स्व.श्रीमती दयावती श्रीवास्तव, सेवानिवृत प्राचार्या पिछली पीढ़ी की नारी सशक्तिकरण की उदाहरण मैं अपनी माँ श्रीमती दयावती श्रीवास्तव के साथ जब भी कहीं जाता तो मैं तब आश्चर्य चकित रह जाता , जब मैं देखता कि अचानक ही कोई युवती , कभी कोई प्रौढ़ा ,कोई सुस्संकृत पुरुष आकर श्रद्धा से उनके चरणस्पर्श […]