कथा – कहानी

Devendra Soni March 31, 2020

खोया हुआ बचपन जरूर लौट कर आयेगा:महेश राजा/ लाँक डाउन का छठवांँ दिन था। सारे व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद थे।परंतु आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिये तो बाहर जाना ही पड़ता था। वे लगभग तैयार हो कर निकलने ही वाले थे कि नन्हाँ कृष सामने आकर खड़ा गया-“क्यों ,नानू कहाँ जा रहे है? उन्होंने बताया कि […]

Devendra Soni March 31, 2020

कहानी : हांडी वाला रसगुल्ला शाम ढलने को थी । रोज क़ी तरह रामसूरत आज भी आ गया था । नमस्ते डाक्टर साहब ! ..चंद्रेश कहाँ है ? आजाओ बेटा अंदर आ जाओ । नही अम्मा , मेरे पैर बहुत गंदे हैं । कोई बात नही बेटा , तुम भी तॊ मेरे बेटे के ही […]

Devendra Soni March 28, 2020

जीत जायेंगे हम:महेश राजा/ रमानाथ जी एक विभाग में कार्य रत थे।घर पर हाउस वाइफ सरला, बेटा अमर जो एक प्राइवेट सेक्टर में नेटवर्क इंजीनियर और बेटी रीना कम्प्यूटर सांईस ग्रेजुएट थी। जयस्तंभ इलाके के एक अपार्टमेंट में सपरिवार रहते थे। सब कुछ ठीक चल रहा था कि एक वैश्विक विपदा आ पड़ी।पहले जनता कर्फ्यू […]

Devendra Soni March 27, 2020

एक आम गृहिणी की व्यथा-कथा:महेश राजा वीना ने खिड़की से बाहर उजाला देखा,फिर घड़ी की तरफ देखा,छह बज रहे थे।उन्होंने बिस्तर छोड़ दिया। टी.वी. पर आज के दर्शन पर ईष्ट के दर्शन किये।गैस पर चाय चढ़ायी।रोजमर्रा के काम से निवृत हुयी। अब उसे नल खुलने का ईंतजार था रोज 6.30 को नल आ जाता है। […]

Devendra Soni March 24, 2020

लघु कथा कोरोना से बचाव बारह साल की गुड़िया बाहर से खेलकर आयी और रसोईघर में जाकर पापड़ खाने लगती है । “गुड़िया तुम हाथ साबुन से साफ की हो?” उसकी माँ इन्दु जी पूछी। “नहीं ,पर क्यों?”गुड़िया बोली। जब तक उसकी माँ उसे कुछ बताती ,वह पापड़ खाकर फ्रिज से पानी का बोतल ले […]

Devendra Soni March 22, 2020

लघुकथाः शहीद की माँ:महेश राजा/ संपूर्ण विश्व एक बहुत ही खतरनाक महामारी के खौफनाक माहोल से गुजर रहा था। आये दिन मौत और आपदा की खबरे आ रही थी। पी.एम. महोदय ने कल सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक घर पर रहने की सलाह दे रहे थे। ऐसे में हमारे जवान बहुत ही […]

Devendra Soni March 20, 2020

कछुए खरगोश की कहानी:नये संदर्भ में/महेश राजा हमेंँशा की तरह इस बार भी कछुए और खरगोश मे दौड़- प्रतियोगिता हुई। हर बार की तरह इस बार भी कछुआ जीत गया। संचालक महोदय ने खरगोश से उसकी हार की प्रतिक्रिया जाननी चाही। पेड के नीचे अधलेटे,अलसाये खरगोश ने जम्हाई लेते हुए जवाब दिया, -“सदियों से हमारे […]

Devendra Soni March 19, 2020

लघुकथा… उपेक्षा का शिकार डोर-बेल संग “पोस्टमैन…” की आवाज गूँजी तो मैं दौड़ा-दौड़ा दरवाजे के समीप पहुँचा और देखा कि, दरवाजे के नीचे से सरकाया गया एक पोस्ट-कार्ड पड़ा है। एक लंबे अरसे बाद पोस्ट-कार्ड देखकर पहले तो खुश हुआ, लेकिन, अगले ही क्षण मुझे दु:खी भी होना पड़ा। कटे-फटे और धूल से सने उस […]

Devendra Soni March 18, 2020

डाँट-फटकार/महेश राजा: बड़े साहब का किसी बात पर पत्नी से झगड़ा हो गया था सुबह से मूड़ आँफ था।आफिस देर से पहुँचे। सीनियर आफिसर कोई फाईल लेकर आये तो उन्हें बेवजह खूब डांँट पिलायी। सीनियर ने बाहर आकर तुरंत अपने जूनियर को बुलाकर खूब लताड़ा। जूनियर आफिसर को कुछ समझ नहीं आया।केबिन मे पहुंँचे तो […]

Devendra Soni March 17, 2020

लघुकथाःबडा होने दे मुझे/महेश राजाः जब वह गोद मे था,तभी पिता का साया सिर से उठ गया था।मांँ ने ही उसे पाल- पोस कर बडा किया। पढ़ने मे वह तेज था।साथ ही महत्वाकांक्षी भी।अक्सर मांँ से कहता-“बडा हो जाने दे मुझे,तुझे इतना सुख दूंगा जो आज तक किसी को न मिला होगा।” तब मांँ बेटे […]