रविवारीय

Devendra Soni October 14, 2019

“आखिर वो आखिरी इंसान कौन है” जो भी दिखता इस शहर में वह खामोश या मौन है बिक गया शायद जिसका जमीर या सब संत मौन है ??? जो भी दिखता इस शहर में आखिर वो कौन है जो भी बिकता इस शहर में आखिर वो कौन है ???? जो भी दिखता इस शहर में […]

Devendra Soni July 7, 2019

व्यंग्य आलेख – #जय_बोलो_सीता_राम_न_की पावस ऋतु में पपीहे …आसमान की ओर मुंह कर के टर्रा रहे थे .. और सीता राम सीता राम भजे जा रहे थे ..आज आसमान उम्मीद से था…. उम्मीदों से आसमान था । सीता रामन ने सुन ली …भरी बरसात में बजट बरसा दिया… खाता बही जब स्वयम गृहलक्ष्मी “सीता” ने […]

Devendra Soni February 2, 2019

◆◆◆◆◆गीत◆◆◆◆◆ ‘जीवन संघर्ष है’ ए दीवाने मौसम जरा धीरे चल, कहीं ऐसा न हो तू जाए फिसल । उमंगे नई है अब नई है पहल, दिल मे जवा क्यों अजब हलचल ।। करवट में कटती है काली निशा, समझना न आसान यहाँ की फिज़ा । गुमसुम जीवन और अंजान दिशा, सोचकर सारी बातें कटती है […]

Devendra Soni November 6, 2018

दीप माला आओ हिलमिल दिवाली मनाएं! दीपमाला बनाकर घर सजाएं!! अमावस के अंधेरे को डराएं झिलमिल -झिलमिल दीप जलाएं! एक दीप इंसानियत का जला कर भटक चुके राही को जगाएं! देश रक्षा में खड़े जवानों को, हौसला दें व मान बढ़ाएं! एक दीप उस घर को करे रोशन, जो हैं लाचार ,उनका सम्मान बढ़ाएं!! एक […]