काव्यभाषा

Devendra Soni March 31, 2020

नीम के हरे ताज़े पत्तों सी तुम ये नीम के हरे ताज़े पत्तों सी तुम आज भी हरियाली हो इनके फूलों को जब खाते थे तब उत्साह की मिठास कड़वाहट मिटाती माँ औषधि के रूप में इन पत्तों को गर्म पानी में उबालकर नहलाती। एक तुम हो कि आज मेरी याददास्त को बचपन की स्मृतियों […]

Devendra Soni March 31, 2020

* माता की महिमा- गाथा* रुप सलोना माता का है महिमा अपरम्पार मां के महिमा की गाथा गाता पूरा संसार दुर्गा अम्बे और भवानी माता के ही नाम एक नाम में बसे हुए हैं देखो चारों धाम मां के नाम से शक्ति है मां के ही नाम से भक्ति है मां के पुण्य से अंबर […]

Devendra Soni March 31, 2020

*सत्य सनातन का होना* हाथ साफ़ कराने आई कोरोना ना मज़हब पंथ पहचाने मोना! हाँथ मिलाते महामारी का होना हाँथ साफ़ कराने आई कोरोना।। गज अंतर अभिवादन कर करतल ध्वनि कर करो प्रणाम। प्रणय स्नेह से देखो मग़र चरण चुम्बन स्पर्श करो ना।। हाँथ साफ़ कराने आई कोरोना।। दिवस इक्कीस रात्रि-रोजा घर-घर इबादत-पूजा होता। सयंम […]

Devendra Soni March 31, 2020

नारी गौरव गाथा है जिनकी, वह चण्डिका, दुर्गा, काली है! नारी की शक्ति को जानो, वह समाज की अवतारी है!! नारी है तो माँ, बहन, पत्नी हैं, इसके बिना समाज की कल्पना भी अधूरी है! क्यों? करते हो भेद – भाव, ये तो सम्मान के अधिकारी है!! इतिहास गवाह है रानी लक्ष्मीबाई जैसी नारी ने […]

Devendra Soni March 31, 2020

अजब हाल-गजब हाल – सारी दुनिया में आज संकट का दौर है, चारों तरफ सिर्फ मौत का शोर है। बैठे है सब अपने- अपने घर पर, सन्नाटा पसरा है आज सारे सड़क पर। पैसे और पावर दिखाता था जो कल तक, बंधी है घिघ्घी उसकी भी इसमें नही शक। कारोबार सारे के सारे आज ठप्प […]

Devendra Soni March 31, 2020

सब कुछ लाक डाउन नहीं है सूरज की रोशनी मौसम की तपिश लाक डाउन नहीं है रिश्तों की मिठास बंद कमरों से,महक रही है और तो और प्यार भी लाक डाउन नहीं है पढ़ना लिखना,सीखना गीत संगीत,सुर और साज प्रार्थना, साधना लाक डाउन नहीं है कल्पनाएं बुनते त्याग दया माया ममता करुणा लाक तोड़कर पथगामी […]

Devendra Soni March 31, 2020

इम्तिहान आज फिर एक इम्तिहान की घड़ी है , करोना जान लेने को दर पर खड़ी है , मानव जाति परमात्मा का है सबसे अनमोल सृजन, फिर से ज़िन्दगी जग को साबित करने पर अड़ी है , एक बात तू जान ले प्राणी तुझे रब दा वास्ता , श्रेष्ठ होने के अहम को तोड़ने कुदरत […]

Devendra Soni March 31, 2020

पालनहार कर उद्धार हे दीनानाथ जगत के पालनहार करि दहो ना जगत के तू उद्धार विपदा आईल बड़ भाड़ी छै कर जोरी हम द्वार खड़ी करी द कृपा हरि ल दुखवा बिनती मानी उपकार करि हे दीनानाथ जगत के पालनहार करि दहो ना जगत के तू उद्धार नियम करम हम धर्म निभायम कर्म करि कै […]

Devendra Soni March 31, 2020

बीता बचपन यादें जो बीत गई भूलती नहीं है जितना भी जाऊं दूर पास वो खड़ी हैं। खींचे पतंग डोर कभी लड्डुओं का शोर, डंडे पे गुल्ली गुल्ली पर डंडे का शोर, कांच वाली बाटियां झूलती वही है। कश्ती वो कागज की पानी में बहाना। छप छप पैरों से छीटें उड़ाना तू तू मैं मैं […]

Devendra Soni March 30, 2020

*एक ग़ज़ल कोरोना संकट पर* *कोरोना घातक है, समझो !* -डॉ. वर्षा सिंह दे सकता है हमें सुरक्षा, दरवाज़े का इक ताला। घर पर रहने पर टूटेगी, कोरोना की ये माला। चाइनीज़ हो या हो स्पेनिश, फ़र्क भला क्या पड़ता है, कोरोना घातक है, समझो! ये छोड़ो किसने पाला। सीख अगर देता है कोई, तो […]