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Devendra Soni March 23, 2019

कविता:-जिंदगी बाकी है देखती हूँ जब भी तपती धुप में जलते पथरों पर गिरे पानी की एक बूँद को बस यही लगता है जिंदगी बाकी है जर्जर से दीवार पर जब भी देखती हूँ जड़ें किसी पौधे की या हरियाली घास की बस यही लगता है जिंदगी बाकी है जीवन के झंझावातों के बीच उलझ […]