साहित्य

Devendra Soni January 29, 2020

बेचैन हो जाती है आत्मा कितना कुछ करते हैं हम कि चैन से रहे सैर सपाटे प्राणायाम मौसम अनुकूल वस्त्र आराम सेहत के अनुसार पूरे एहतियात से खान पान का भी रखते हैं ध्यान फिर भी बेचैन हो जाती है आत्मा अक्सर कभी भी कहीं भी देखी जा सकती है छटपटाहट इसकी चाहे दब गया […]

Devendra Soni January 28, 2020

ग़ज़ल सवाल ही सवाल रहे, कोई जवाब न रहे, मेरी नींदों में बाक़ी कोई ख़्वाब न रहे ! – *1* न बतलाओ मुझको किसी इमारत का पता, मुझे तो अपने दिल में ख़ुदा चाहिए ! – *2* ज़िन्दगी को ज़िन्दगी की वजह चाहिए, जैसे अधूरी ग़ज़ल को क़ाफ़िया चाहिए ! – *3* न रख हिसाब […]

Devendra Soni January 28, 2020

अनंत हाँ ।। मैं अनंत हूँ अनंत विश्वास है मेरा भारत भू अनन्य अनंत है तप त्याग शील का पहचान है विश्व विरासत में पहला इसका स्थान है ।। भारत की भाषा प्रेम है क्षमा इसका धर्म, योग इसका कर्म है वीरता इसका धैर्य, शोर्य इसका ज्ञान है यह संदेश विश्व को सप्रेम है ।। […]

Devendra Soni January 28, 2020

ऋतु चक्र। मकरसंक्रांति घनघोर घटाओं का अंबर में विचरण , बारिश से पुरित धरा, आंगन । विदाई का आ गया क्षण , शीत से हुई बदन की ठिठुरन। सूर्य का मकर में आगमन , हर्षित हुआ जन मन। पतंग का आकाश में उड्डयन, हिलोरें ले रहा है तन। जैसे आकांक्षाओं का गगन में भ्रमण, पुलकित […]

Devendra Soni January 28, 2020

ग़ज़ल कभी खोटा कभी लगता खरा है। वक्त सब से बड़ा ही मसखरा है।। फरक क्या है जहाँ में और तुझ में, तूने भी तो दिया बस मशवरा है। हो चली हूँ मैं पत्थर इस कदर कि, दर्द होता तो है लेकिन ज़रा है। वक्त हर बार ही गुज़रा है तो फिर, ज़ख्म हर बार […]

Devendra Soni January 27, 2020

लोकार्पण एवं सम्मान समारोह आयोजित इंदौर। गत दिवस “इन्दौर साहित्य साग़र में भव्य लोकार्पण एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया । गौरवशाली कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री मिथिलाप्रसाद त्रिपाठी (पूर्व कुलपति एवं वैदिक वि. वि. उज्जैन) मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध कवि सरोज कुमार जी इन्दौर विशेष अतिथि श्री राजकुमार वर्मा (साहित्यकार व जिला एवं सत्र न्यायाधीश), श्री […]

Devendra Soni January 27, 2020

*संस्कृति विभाग की मनमानी से हुआ महात्मा गाँधी का अपमान, मातृभाषा उन्नयन संस्थान से दिया ज्ञापन* इंदौर। शनिवार को भोपाल में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित कवि प्रदीप सम्मान समारोह में वर्ष 2018 के लिए अशोक चक्रधर का चयन करते हुए एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें प्रचार सामग्रियों एवं विज्ञापनों से भी कवि प्रदीप का फोटो […]

Devendra Soni January 27, 2020

” मेरी देश की मिट्टी ” ~~~🇮🇳~~~ मेरी देश की मिट्टी चंदन है, मेरी देश की मिट्टी! मेरी देश की नदियाँ प्रेमअनुराग की बंधन हैं, मेरी देश की मिट्टी पवित्र तिलक चंदन है…! ~~~🇮🇳~~~ मेरे देश का तिरंगा ध्वज मेरा गौरव गाथा वंदन है, मेरी देश की मिट्टी पवित्र तिलक चंदन है…! ~~~🇮🇳~~~ मेरे देश […]

Devendra Soni January 27, 2020

क़ाबिलियत इन्सान से काबिल कौन सा जीव है यहाँ , फिर भी इन्सान से नाकाबिल कौन है यहाँ , हर स्तर और महकमे पर वर्चस्व हासिल कर के , इन्सान कर रहा अपनी क़ाबिलियत साबित यहाँ , पर लालच ख़ुदगर्ज़ी ने बनाया इन्सान को मतलबी, कर रहा नादानियों भूल कर वो क़ाबिलियत यहाँ , कुछ […]

Devendra Soni January 27, 2020

आहट पर तीन मुक्तक गूंजती है आजतक आहट कोई ! कल्पना के खोलता है पट कोई! देखता हूँ जब किसी घर-द्वार को, याद आती है मुझे चौखट कोई! कान कहते हैं बहुत दिन हुए खट-खट तो हो! कल्पना-कूप है पर सत्य का पनघट तो हो! हृदय आकुल है सतत,दर्श को व्याकुल हैं दृग, मैं प्रतीक्षक […]